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जिला चिकित्सालय में नहीं होता छोटे दातों का एक्स-रे, मरीज हो रहे परेशान

दंत चिकितसक तो है जांच उपकरण नहीं

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District Hospital does not X-ray of small teeth

District Hospital does not X-ray of small teeth

शहडोल। जिला चिकित्सालय में लाखों रुपए की मशीनें जंग खा रहीं हैं। विभिन्न रोगों की जांच करने वाली मशीनों का वर्षों से उपयोग नहीं हो रहा है। कई मशीनें खरीदने के बाद से ही बंद कमरे में पैक हैं। लेकिन अस्पताल के लिए जरूरी छोटे दांतों के लिए एक्स-रे वाली मशीन की खरीदी में अस्पताल प्रबंधन रुचि नहीं दिखा रहा है। जिससे मरीजों को छोटे दातों के एक्स-रे के लिए निजी नर्सिंग होम का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसके लिए पीडि़त गरीब को जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है। जबकि सरकार गरीब लोगों को सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपचार का दावा करती आ रही है।

15 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं

जिला चिकित्सालय में सरकारी सेवा दे रहे चिकित्सक भी एक्स-रे मशीन न होने की बात कहकर इलाज से मना कर देते हैं। जिला अस्पताल में दांत उखाडऩे के अलावा दूसरा कोई चिकित्सकीय उपचार अब तक सुलभ नहीं हो सका है। जिला चिकित्सालय में महीने में 15 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। जिसका प्रमाण पर्ची काउंटर के रजिस्टर है। जिसमें करीब तीन फीसदी मरीज दांत के होते हैं। जिनके इलाज के लिए चिकित्सक तो पर्याप्त हैं, लेकिन जांच उपकरण का वर्षों से अभाव बना हुआ है। दंत चिकित्सक चेंम्बर में एक उपकरण रखा हुआ है। जिसमें बैठाकर प्रकाश के माध्यम से दांत की बाहरी जांच की जाती है। इसके अलावा अन्य उपकरण नहीं हैं। जिससे अधिकांश पीडि़तों को जिला चिकित्सालय से निराश होकर निजी दंत चिकित्सकों की शरण लेनी पड़ रही है। जहां जांच और इलाज के लिए गरीबों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।


इनका कहना है
अभी अस्पताल में छोटे दांतो के एकस-रे लेने के लिए मशीन नहीं है। मशीन के लिए प्रक्रिया चल रही है। मशीन आ जाने से दांत का इलाज आसान हो जाएगा।
जीएस परिहार
दंत चिकित्सक जिला चिकित्सालय शहडोल