
कंपाउंडर, भृत्य के भरोसे चल रहे हैं आयुष औषधालय
शहडोल। शासन ने लोगों को आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक तरीके से उपचार के लिए आयुष औषधालय की स्थापना तो कर दी लेकिन डॉक्टर पदस्थ नहीं होने से लोगों को उपचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला आयुष केन्द्र के अंतर्गत जिले में कुल 26 आयुष औषधालय हैं। इसमें पांच होम्योपैथ औषधायल हैं। जिला आयुष केन्द्र सहित इन औषधालयों के लिए 29 डॉक्टर पदस्थ होने चाहिए लेकिन मात्र 12 डॉक्टर ही पदस्थ हैं। 17 डॉक्टरों के पद रिक्त हैं।
15 औषधालयों में नहीं है डॉक्टर
26 आयुष औषधालयों में से 15 औषधालयों में डॉक्टर ही नहीं है। इन औषधालयों में केवल कंपाउंडर और भृत्य पदस्थ है। मरीज जब उपचार के लिए इन औषधालयों में जाते हैं तो कंपाउंडर अंदाज से दवाइयां दे देते हैं। इसमें कुछ बीमारियों में दवाई काम कर जाता है तो कुछ बीमारियों में कोई फायदा नहीं होता है। हालांकि होम्योपैथ औषधालय की स्थिति कुछ ठीक है। इसमें पांच डॉक्टरों में से चार डॉक्टर पदस्थ है।
भृत्य के भरोसे भी चल रहे औषधालय
आयुष औषधालयों में सभी जगह कंपाउंडर भी नहीं है। आयुर्वेद औषधालय में 29 कंपाउंडर के पद हैं। इसमें से17 कंपाउंडर पदस्थ हैं। ऐसे में शेष बचे आयुर्वेद औषधालय में कंपाउंडर नहीं होने से ये औषधालय भृत्य के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन औषधालयों पर मरीजों को कितना उपचार मिलता होगा। वहीं होम्योपैथ औषधालय में पांच कंपाउंडर के पद है। इसमें से दो औषधालय में कंपाउंडर पदस्थ है बाकी तीन जगह केवल भृत्य पदस्थ हैं। जिला आयुष अधिकारी डॉ हेमलता सिंह ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के बारे में संचालनालय को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग की जा चुकी है। धीरे-धीरे डॉक्टर पदस्थ हो रहे हैं।
Published on:
05 Aug 2019 12:36 pm
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