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खेत की ओर चले किसान, संभाग में किसानों तक धीमी गति से पहुंच रहा खाद बीज

धान की बोनी के लिए हो रहा तेज बारिश का इंतजार

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 Farmers moving towards the farm, the farmers in the division, the slow-moving manure seeds

खेत की ओर चले किसान, संभाग में किसानों तक धीमी गति से पहुंच रहा खाद बीज

खेत की ओर चले किसान, संभाग में किसानों तक धीमी गति से पहुंच रहा खाद बीज


शहडोल. मानसून के दस्तक देते ही किसान हल लेकर खेतों की ओर चल पड़े है। अब तक संभाग के तीनों जिलों में सबसे अधिक सोयावीन की बोनी किसानों के द्वारा की गई है। धान का रोपा किसान तैयार कर रहे है। जिसे खेत में रोपने के लिए तेज बारिश का इंतजार किया जा रहा है। विखण्डित शहडोल जिले के अनूपपुर ,उमारिया और शहडोल जिले में अब तक धान 16प्रतिशत, मक्का 57 प्रतिशत,कोदौं कुटकी 24 प्रतिशत,मूंगफली 36 प्रतिशत, सोयावीन 64 , अरहर की 34 फीसदी बोनी हो चुकी है। इसके अलावा ज्वार, उड़द ,मूंग, कुत्थी, तिल, रामतिल व अन्य तिलहन की बोनी का कार्य पिछले साल के मुकाबले धीमा चल रही है। जिसमे धान की बोनी में शहडोल उमारिया और अनूपपुर से पीछे चल रहा है। कृषि विभाग के अनुसार खण्ड वर्षा के चलते बोनी में बिलम्ब हो रहा है। दो सप्तांह में 50 फीसदी बोनी हो जाएंगी। धान रोपाई का कार्य 15 अगस्त तक चलेगा।
उपलब्ध खाद-बीज के बोलते आंकड़े
संभाग के तीनों जिलो में खाद-बीज के भण्डार तो पर्याप्त है, लेकिन वितरण का आंकड़ा अब तक 35 फीसदी के आस-पास अटका हुआ है। संभाग में किसानों को बीज उपलब्ध कराने का लक्ष्य 34580 क्वीटल है। जिसके अनुपात में 32893.62 क्वीटल बीज उपलब्ध है। जिसमें अभी 22403 क्वीटल का भण्डारण किया गया है। इसमे वितरण की हालत दयनीय है। अभी तक 7447.5 क्वीटल बीज ही किसानों तक पहुंच सका है। इसी तरह खाद का भण्डारण भी पर्याप्त है।लेकिन खाद के वितरण में भी कृषि विभाग सुस्त नजर आ रहा है। संभाग में 9082 मैट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमे 917 मैट्रिक टन का ही वितरण किया जा सका है। जिसमे शहडोल में भण्डारण 5195, वितरण 339 मैट्रिक टन, अनूपपुर में भण्डारण 2021 मैट्रिक टन, वितरण मात्र 37 मैट्रिक टन ही किया जा सका है। उमारिया जिले का अनुपात अनूपपुर जिले से अधिक है। यहां खाद का भण्डारण 1866 मैट्रिक टन है। जिसमे अब तक 541 मैट्रिक टन किसानों में वितरित किया जा चुका है।
इनका कहना है
किसानों के लिए पर्याप्त खाद बीज का भण्डारण है। जिसे किसानों में बांटा जा रहा है। खण्ड-खण्ड हो रही बारिश से बोनी में असर पड़ रहा है। दो सप्तांह में 50 फीसदी से अधिक बोनी पूरी होने की संभावना है। धान का रोपा लगाने के लिए अभी पर्याप्त समय है।
एसके मिंज