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पर्याप्त आवक नहीं होने से मंहगे बिक रहे है फलों के राजा आम

न कच्चे आम की आवक बढ़ी न ही पके आम की दिख रही है पर्याप्त मात्रा, अचार रखने लायक वाले कच्चे आम भी है बाजार से नदारद

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पर्याप्त आवक नहीं होने से मंहगे बिक रहे है फलों के राजा आम

पर्याप्त आवक नहीं होने से मंहगे बिक रहे है फलों के राजा आम

शहडोल. शहर में फलों का राजा आम पर्याप्त मात्रा में नहीं आ पा रहा है। इस वजह से पके और कच्चे आम की कीमतें दोगुनी हो गई है। संभागीय मुख्यालय के बाजार में पर्याप्त आवक नहीं होने से मंहगे दामों में आम बिक रहे हैं। बाजार में न तो कच्चे आम की ज्यादा आवक हो रही है और न ही पके आमों की। हर साल मई माह में पके आमों की आवक टनों में हुआ करती थी, जो इस वर्ष लॉकडाउन में क्ंिवटल तक सीमित रह गई है। आढ़त वाले कफ्र्यू के डर से आमों की ज्यादा आवक नहीं कर रहे हैं, वहीं देहातों से भी ज्यादा कच्चे आम नहीं लाए जा रहे हैं। नतीजतन गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब दोगुने दामों में आम बिक रहे हैं। कच्चा आम गिने-चुने फुटकर सब्जी व्यापारियों के पास पर 40 से 60 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। वहीं, पके आम 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक मिल रहे हैं। जबकि पिछले साल इन दिनों में कच्चा आम 20 से 30 और पके आम 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक मिल जाते थे। अभी बाजार में सिर्फ बादामी और तोतापरी आम बस बिक रहे हैं। इसके अलावा गर्मी बीती जा रही है और इन गर्मियों में आने वाले कच्चे आम के पने का स्वाद फीका सा हो गया है। कई घरों में नए अचार के साथ रोटी का स्वाद इस साल नया नहीं हो पा रहा है।

नहीं लग रहे बड़े ठेले
लॉकडाउन की वजह से बाजार में फलों के बड़े ठेले व दुकानें नहीं लग पा रही है और फुटकर व्यापारी एक दिन के हिसाब से आम खरीदता है। जिससे बाजार में आम की मांग काफी कम हो गई है।
अरूण सिंह, फल के थोक व्यापारी, शहडोल

बाजार में फंस गई पूंजी
हर साल प्रतिदिन दो से तीन टन आम की आवक होती थी, मगर इस बार 12-15 क्विंटल ही आम आ पा रहा है। फुटकर व्यापारी उधार में आम ले जाते हैं, मगर पैसा नहीं देते, जिससे काफी पूंजी फंस गई है।
अरसद असरफी, फल के थोक व्यापारी, शहडोल