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गजब के सरकारी कर्मचारी, खा गए मुर्दों का भी निवाला

मृतकों के नाम से ले रहे थे राशन लाखों का खाद्यान्न घोटाला
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शहडोल

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Shahdol online

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Updated: 11 Dec 2017, 1:00 PM IST

Government employees of the poor also eaten meat

Government employees of the poor also eaten meat

शहडोल. जिले के गोहपारू जनपद के ग्राम पंचायत नवगांव में लगभग ३६ लाख रुपए से अधिक का खाद्यान्न घोटाला प्रकाश में आया है, जिसमें पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने फर्जीवाड़ा करते हुए मृतकों और सरकारी कर्मचारियों जिनमें ज्यादातर शिक्षकों सहित अन्य अज्ञात लोगों के नाम पात्रता पर्ची जारी करते हुए 2013 से 2016 के बीच लगभग 63 हजार 700 किलोग्राम का घोटाला किया है जिसमें गेहूं, चावल, केरोशिन, नमक और शक्कर शामिल हैं। इसकी पुष्टि खण्ड पंचायत अधिकारी और पंचायत समन्वयक अधिकारी जनपद गोहपारू के जांच प्रतिवेदन के बाद हुआ है। मामले में कार्रवाई करने के लिए जयसिंहनगर विधायक प्रमिला सिंह ने 11 अक्टूबर 2017 को कलेक्टर को पत्र लिखा था।

25 मृतकोंं 16 कर्मचारियों के नाम हेरफेर
खण्ड पंचायत अधिकारी और पंचायत समन्वयक अधिकारी द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन में इस बात की पुष्टि की गई है कि रोजगार सहायक जितेन्द्र कुमार उपाध्याय द्वारा वर्ष 2013 में पात्रता पर्ची जारी की गई जिसमें 80 टोकन जारी किए गए, उनमें 25 मृतक 16 शासकीय कर्मचारी, 15 अज्ञात एवं 17 टोकन एक ही व्यक्तियों के नाम से 2 टोकन जारी किए गए और 2013 से 2016 तक लगभग 4 साल खाद्यान्न का उठाव रामकृपाल सिंह तत्कालीन सचिव, जितेन्द्र कुमार उपाध्याय रोजगार सहायक तथा सेल्समैन राममिलन केवट की मिली भगत से किया गया।

99 श्रमिकों के नाम भी निकाला खाद्यान
जांच प्रतिवेदन में इस बात की पुष्टि की गई है कि पंचायत सचिव, राजगार सहायक और सेल्समैन द्वारा मिली भगत करते हुए 99 अपात्र श्रमिकों के नाम से सितम्बर 2013 से जून 2016 तक खाद्यान्न दिया गया इस तरह से 34 महीने तक लगातार अपात्र लोगों को 36 किलो खाद्यान्न का लाभ दिया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने लिखा पत्र
मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष नरेन्द्र मरावी ने 9 दिसंबर को प्रभारी कलेक्टर और जिला पंचायत सीइओ को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि माह नवंबर में मेरे द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान उक्त गडबड़ी पाई गई है। जांच प्रतिवदेन के आधार पर उन्होंने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

एसडीएम कर रहे हैं मामले की जांच
प्रभारी कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य के मुताबिक मामले में जांच के आदेश एसडीएम को दिए हैं, खाद्य विभाग और एसडीएम की जांच प्रतिवेदन के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।