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ग्राम पंचायतों में लगा रहे पलीता, हितग्राही मूलक योजनाओं पर ग्रहण

पंचायत सचिवों की जगह रोजगार सहायकों की चांदी

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Gram Panchayats engaged in Petha beneficial adoption schemes

Gram Panchayats engaged in Petha beneficial adoption schemes

शहडोल. जिले में रोजगार सहायकों की मनमानी और अनियमितता पर रोक नहीं लग पा रही है,वहीं ग्रामीणों को हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ रोजगार सहायकों की मनमानी और अनियमितता के चलते नहीं मिल पा रहा है। वजह है कि ग्राम पंचायत सचिवों की जगह जिले की लगभग आधा सैकड़ा से अधिक ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायकों को पंचायतों के सचिव का प्रभार दिया गया है। लगभग ७५ ऐसे पंचायत सचिव हैं जिनकी विभागीय जांच और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उनको पंचायतों के प्रभार से पृथक किया गया है। ऐसे में यह रोजगार सहायक योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। इसी वजह से पीएम आवास, सुविधाघर और पेंशनधारी तथा मनरेगा में हितग्राहियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि जिले में ३९१ ग्राम पंचायतों में से ३४४ रोजगार सहायक पदस्थ किए गए हैं, जिनके कारण पंचायतों के कामकाज में अनियमितता बरती जा रही है।
केस-१
बुढ़ार जनपद के मलया में रोजगार सहायक और सचिव द्वारा फर्जीवाडा करते हुए ४ लाख ५० हजार रुपए तालाब घाट बनाने के नाम पर आहरित कर लिए गए और मौके पर निर्माण नहीं कराया गया। मामले की जांच चल रही है।
केस-२
रोजगार सहायक विवेक तिवारी ने ११५ हितग्राहियों की ४ महीने की पैसा निकाल लिया, मामले की जांच की जा रही है। इसी तरह से ७० शौचालय की राशि में गडबड़ी की निर्माण कार्य अधूरा है। मामले की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
बलभद्रपुर के ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक राकेश उपाध्याय द्वारा १३ शौचालयों का पैसा निकाल लिया और निर्माण कार्य नहीं कराया। इसी तरह ४८ हितग्राहियों से पीएम आवास के लिए रुपए की मांग की शिकायत की जांच चल रही है।

नयागांव ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक द्वारा मृतकों और शासकीय कर्मचारियों के नाम से पेंशन की राशि आहरित कर ली। मामले की जांच विचाराधीन है। जांच प्रतिवेदन के बाद हुआ मामले का खुलाशा।
इसी तरह अन्य ग्राम पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायकों का बताया जा रहा है। जानकारों की मानें तो पंचायत सचिव की जगह पदस्थ रोजगार सहायक हितग्राही मूलक योजनाओं को पलीता लगाकर हितग्राहियो की जगह स्वयं योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
कराई जा रही जांच
जिन रोजगार सहायकों द्वारा निर्माण कार्यों में अनियमिता की गई हैं, उनकी जांच कराने के बाद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
एस कृष्ण
सीइओ जिला पंचायत