
शहडोल। बेमौसम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी-तूफान और बारिश ने गेहूं की फसलें भी बर्बाद कर दीं। बरसात का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण अंचलों में देखने मिला। गेहूं की कटी हुई फसलें भीग गईं जिससे फसल की क्वालिटी खराब होगी। हालाकि जिले के ३७ हजार हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल में से अधिकांश जगहों पर गहाई हो चुकी है। इसमें लेट बोवनी वाली फसलों को ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। वहीं मौसम विभाग की माने तो अगले दो दिनों तक आसमान में बादल बने रहेंगे।
फैक्ट फाइल
-जिले में १ लाख ४५ हजार रवि फसल का रकवा।
-१ लाख ९० हजार खरीब फसल का रकवा।
-३७ हजार हैक्टेयर में बोई गई थी गेहूं की फसल।
-८० प्रतिशत गेहूं की हो गई कटाई और गहाई।
-चना, मसूर और सरसों की ९५ प्रतिशत फसलें किसानों के घरों में पहुुंच चुकी हैं।
-अब आम महुआ और सब्जियों में कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।
-मौसम परिवर्तन से बीमारियों की आशंका।
-पारा अभी भी ३६ पर, उमस का वातावरण।
-अगले दो दिनों तक छाए रह सकते हैं काले बादल।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
दिनांक तापमान(अधि/न्यू) हवा बादल वर्षा
१२ अप्रैल ३७/२२ ३३केएम/एच काले घने २ एमएम
१३ अप्रैल ३७/२२ २२केएम/एच काले घने २ एमएम
१४ अप्रैल ३६/२१ १८केएम/एच आंशिक ० एमएम
१५ अप्रैल ३६/२३ १५केएम/एच आंशिक ० एमएम
१६ अप्रैल ३७/२१ २०केएम/एच आंशिक ० एमएम
कीटों का प्रकोप भी बढ़ाएगा यह मौसम
टमाटर, भिंडी, कद्दू, लौंकी, करेला जैसी सब्जियों और आम महुआ के फलों में यह मौसम रस चूसक कीटों का प्रकोप ला सकता है। किसान विशेषज्ञ की सलाह लेकर कीटनाशक का प्रयोग करें। वहीं गेंहू की फसल यदि कटकर खेत में रखी है तो उसे तिरपाल से ढंाककर रखें। धूप दिखाकर फसल की गहाई कर लें। गीली गेहूं की फसल में हार्वेस्टिंग में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
---चना मसूर और सरसों की फसलों की लगभग सभी जगह गहाई हो चुकी है। अभी केवल गेहूं की कुछ फसल खेतों में है। उसमें से भी अधिकांश फसलों की गहाई हो गई है। आगे यदि लगातार बारिश होती है तो नुकसान होगा।
जेएस पेंद्राम
उपसंचालक कृषि शहडोल।
---बारिश से गेहूं की क्वालिटी प्रभावित होगी। ऐसे मौसम में सब्जियों और आम, महुआ की फसल पर रसचूसक कीटों का आतंक भी हो जाएगा। किसान गेहूं की फसल को लेकर सजग रहें।
डॉक्टर पीएन त्रिपाठी
कृषि वैज्ञानिक शहडोल।
Published on:
11 Apr 2018 09:29 pm
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