
Here the prices of vegetables are increasing continuously for a week, the budget of the kitchen is deteriorating
शहडोल. भीषण गर्मी से जहां जनजीवन प्रभावित है। वहीं सब्जियों के दाम से भी लोगों के पसीने छूट रहे हैं। इस समय टमाटर जहां 80 रुपए किलो मिल रहा है, वहीं शिमला मिर्च 100 रुपए प्रति किलो है। लौकी और भिंडी को छोड़कर अन्य सब्जियों के दाम में 40 से 60 रुपए के बीच में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार कीमतों में इजाफा हो रहा है। एक सप्ताह पहले तक शहडोल मंडी में टमाटर 40 से 60 रुपए किलो बिक रहा था। वहीं परवल, करेला के दाम भी 50 रुपए थे। प्याज 10 से 15 रुपए, जबकि आलू 20 रुपए किलो मिल रहा था। वर्तमान में टमाटर जहां 80 रुपए हो गया है। वहीं परवल, करेला 60 रुपए, प्याज 20 रुपए और आलू 25 रुपए किलो बिक रहा है। सब्जी की बढ़ रही कीमतों से लोगों के थाली का जायका बिगड़ गया है। पहले छोलाभर सब्जी घर ले जाने वाले लोग अब आधा किलो और एक पाव सब्जी से काम चला रहे हैं।
पेट्रोल का दाम भी कारण
सब्जी कारोबारियों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें भी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी का कारण है। पहले जबलपुर से सब्जी की गाड़ी 5 हजार रुपए में आ जाती थी। अब सात से आठ हजार रुपए लग जाते हैं। खर्च बढऩे पर उसका असर सामान पर पड़ता ही है। सब्जी के साथ-साथ अन्य सामान के दाम भी ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढऩे के कारण बढ़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह तक सब्जी के इसी तरह के भाव रहेंगे। टमाटर की कीमतों में फिलहाल नरमी आने की संभावना नहीं है। बारिश के बाद लोकल सब्जी की आवक बढऩे से कीमतों में कमी ओ की संभावना है।
4-5 किलो हो जाता है खराब
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्जी के दाम बढऩे का प्रमुख कारण गर्मी है। गर्मी में सब्जियां खराब हो रही हैं। वहीं इस समय लोकल सब्जियां भी कम निकल रही हैं। सब्जी के थोक व फुटकर विक्रेता मो. आमिर ने बताया कि लोकल टमाटर बहुत ही कम आ रहा है। एक कैरेट में 24 से 25 किलो टमाटर रहता है। इसमें भी पांच से सात किलो खराब निकलता है। पांच किलो भी खराब निकला तो 250 से अधिक का नुकसान हो जाता है, यही कारण है कि रेट बढ़ गए हैं। वर्तमान में लौकी और भिंडी ही लोकल से निकल रही है, इसलिए इसके दाम कम हैं। अधिकांश सब्जियां बिलासपुर, जबलपुर, अनूपपुर से आलू इलाहाबाद से और प्याज सतना से आती है।
इनका कहना है
बढ़ती महंगाई से पहले ही बुरा हाल है। सब्जियों के बढ़े दाम से दो वक्त का खाना भी मुश्किल हो गया है। टमाटर का दाम तो कम हो ही नहीं रहा है।
निशा पाठक, गृहिणी।
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पिछले 15 दिनों से सब्जियों के दाम में कोई गिरावट नहीं आई है। टमाटर सबसे महंगा चल रहा है। वहीं अब आलू भी 25 रुपए किलो हो गया है।
उर्मिला सोनवानी, गृहिणी।
Published on:
16 Jun 2022 11:07 pm
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