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मौत पर लीपापोती, एक माह बीता, न लापरवाही तय और न एफआइआर

मर्ग तक सीमित है पुलिस की इन्वेस्टिगेशन, उधर अब तक पूरी नहीं हुई जांच

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Investigation of police is limited to Marg

मौत पर लीपापोती, एक माह बीता, न लापरवाही तय और न एफआइआर

शहडोल। सोहागपुर क्षेत्र के धनपुरी ओसीएम में ब्लॉस्टिंग के बाद दबने से कॉलरी अधिकारी की मौत मामले पर लीपापोती की जा रही है। एक माह बाद भी कॉलरी प्रबंधन लापरवाही तय नहीं कर सका है। उधर पुलिस की इन्वेस्टिगेशन भी सिर्फ मर्ग तक ही सीमित है। कॉलरी प्रबंधन की जांच अब तक अधूरी है। पुलिस ने भी लापरवाही पर एक माह होने के बाद भी एफआइआर नहीं दर्ज की है। खदान के भीतर दबने से कॉलरी कर्मचारी की मौत मामले में कॉलरी प्रबंधन और पुलिस की जांच पर कई सवालिया निशान उठ रहे हैं। ओसीएम में पदस्थ सीनियर ओवरमैन सुधीर शुक्ला ब्लास्टिंग के बाद 8 अगस्त को दुर्घटना का शिकार हो गए थे। गड्ढे के बाहर मदद के लिए उठे हाथ देखकर कर्मचारियों ने उन्हे अस्पताल पहुंचाया था, जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उस वक्त परिजनों ने केन्द्रीय अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप भी लगाया था।


एक महीने बाद भी पूरी नहीं हुई मौत पर रिपोर्ट
घटना के बाद निरीक्षण और रिपोर्ट तैयार करने डीजीएमएस टीम भी आई थी। कॉलरी प्रबंधन के साथ घटनास्थल का जायजा लेते हुए कई बिंदुओं पर जानकारी ली थी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करते हुए चली गई थी लेकिन पूरे एक माह बीतने के बाद भी न तो उस रिपोर्ट को आगे बढ़ाया गया और न ही लापरवाही तय की गई कि कॉलरी अधिकारी की मौत पर किस अधिकारी कर्मचारी की किस स्तर पर लापरवाही बरती गई है। उधर स्थानीय स्तर पर भी कॉलरी प्रबंधन किसी तरह की कार्रवाई नहीं किया है। मामले को दबाने प्रबंधन लापरवाही से इंकार कर रहा है।

इस तरह उजागर हुई थी लापरवाही
- डीजीएमएस के नियमों के अनुसार ब्लास्टिंग का समय दोपहर 2 से 3 बजे तक निर्धारित है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दिन ब्लास्टिंग शाम 4 बजे के बाद ब्लास्टिंग की जा रही थी।
- खदान के भीतर निर्धारित सुरक्षा के उपाय उपयोग नहीं किए जा रहे थे।
- घटना के दिन ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने पर जब दूसरा सिलेंडर लगाने के लिए उसे चेंज किया जा रहा था तो सिलेंडर को खोलने वाला टूल्स आईसीयू में मौजूद नहीं था। इस दौरान 15 मिनट का समय लग गया था।


एसईसीएल सोहागपुर के जीएम बीके चन्द्राकर ने कहा कि मामले में डीजीएमएस की टीम आई थी। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार की है। अभी रिपोर्ट प्रोसेस पर है। एक जांच एजेंसी की इन्वेस्टिगेशन के साथ हम भी अपने स्तर पर जांच नहीं कर सकते हैं। यदि लापरवाही हुई है तो डीजीएमएस की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

चचाई थाने के निरीक्षक आरबी सोनी ने कहा कि मामले में अभी मर्ग कायम है।सुरक्षा विभाग से जुड़ी टीम आई थी। उसने अपनी रिपोर्ट बनाई है। रिपोर्ट धनवाद मुख्यालय में जाएगी। यहां से रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।

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