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इंटरनेशनल जस्टिस डे: फाइल पहुंचते ही सुना दी सजा, दरिंदगी पर 6 माह में 27 को भेजा जेल

दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में कोर्ट का क्विक एक्शन, जघन्य अपराधों में भी सजा

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Jail sent to 27 in 6 months

इंटरनेशनल जस्टिस डे: फाइल पहुंचते ही सुना दी सजा, दरिंदगी पर 6 माह में 27 को भेजा जेल

शहडोल। दुष्कर्म, छेड़छाड़ और महिलाओं से जुड़े अपराधों में न्यायालय भी एक्शन मोड़ में है। छह माह के भीतर फाइल पहुंचते ही न्यायाधीशों ने अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए दरिंदगी पर 27 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है। जघन्य अपराधों के मामलों में भी कोर्ट त्वरित कार्रवाई कर रही है। छह माह के भीतर जघन्य अपराधों के सात मामलों में आजीवन कारावास के साथ दस साल की सजा से दंडित किया है।

अपराधियों में खौफ के साथ पेडेंसी खत्म हुई है

लगातार कोर्ट के बड़े फैसलों से जहां अपराधियों में खौफ के साथ पेडेंसी खत्म हुई है तो वहीं दूसरी ओर फरियादियों को त्वरित निराकरण से न्यायालय पर विश्वास बढ़ा है। न्यायालय शहडोल के अनुसार, छह माह के भीतर जघन्य और महिलाओं से जुड़े 34 मामलों में सजा सुनाई गई है। इसमें 80 फीसदी से ज्यादा मामले महिलाओं और बालिकाओं के साथ जुड़े अपराधों के हैं।


हर दिन खुली फाइल, 34 मामलों में बड़ी सजाएं
जिला न्यायालय शहडोल के अनुसार, महिलाओं से संबंधित 259 मामले कोर्ट तक पहुंचे थे। जिसमें 60 मामलों का निराकरण किया गया। इसमें 27 मामलों में आरोपियों को सजा सुनाई गई। इन मामलों में कम से कम दस साल की सजा से आरोपियों को दंडित किया गया है। इसी तरह जघन्य अपराधों के मामलों में 7 मामलों में आजीवन कारावास और बड़ी सजाएं हुई हैं। जनवरी से लेकर अब तक 46 प्रकरण आए थे। इसमें 7 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

हर दिन पुरानी फाइलों को खोला जा रहा है

न्यायालय से जुड़े अधिकारियों की मानें तो महिलाओं से जुड़े मामलों में हर दिन पुरानी फाइलों को खोला जा रहा है और गंभीर मामलों में तत्काल सजा सुनाई जा रही है। जिला न्यायालय मीडिया सेल के नवीन कुमार ने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराध और जघन्य अपराधों में न्यायालय बेहद गंभीर है। पुरानी फाइलों को लगातार खोला जा रहा है। हर दिन सुनवाई भी हो रही है। जनवरी से लेकर अब तक महिलाओंसे जुड़े 27 मामलों में सजा सुनाई है। जघन्य अपराधों के 7 मामलों में भी सजा से दंडित किया है।