23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का मनेगा जन्म कल्याणक, त्याग , तपस्या से ओतप्रोत रहा उनका जीवन

शरीर पर परिग्रह के नाम पर एक लंगोटी भी नहीं रही

2 min read
Google source verification
 Jainism 24th Tirthankara Mahaveer Swami's life was born with birth Kalyanak, renunciation and penance

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का मनेगा जन्म कल्याणक, त्याग और तपस्या से ओतप्रोत रहा उनका जीवन

शहडोल। महावीर जयंती चैत्र शुक्ल 13वीं तिथि को जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी अहिंसा के मूर्तिमान प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग और तपस्या से ओतप्रोत था। उनके शरीर पर परिग्रह के नाम पर एक लंगोटी भी नहीं थी। हिंसा, पशुबलि, जाति-पांति के भेदभाव के खिलाफ महवीर स्वामी ने आवाज उठाई। ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के क्षत्रिय कुण्डलपुर में पिता सिद्धार्थ और माता त्रिशला के यहां तीसरी संतान के रूप में चैत्र शुक्ल तेरस को वद्र्धमान का जन्म हुआ। वद्र्धमान का बचपन राजमहल में बीता। आठ बरस के हुए तो उन्हें पढ़ाने ,शिक्षा देने, धनुष आदि चलाना सिखाने के लिए शिल्प शाला में भेजा गया।

दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टधातु की विराजी है मूर्तिया
सुनील सिंघई ने बताया कि दिगम्बर जैन मंदिर शहडोल में स्वामी महावीर स्वामी की अष्टधतु की दुर्लभ प्रतिमा विराजी है। इस प्रतिमा की कलाकृत विशेष प्रकार की है। जो हर जैन मंदिरों में देखने को नहीं मिलती है। इसके अलावा भगवान की विराजी अन्य प्रतिमा चतुर्थ काल की मानी जाती है। जिनकी कलाकृतिया दुर्लभ है। जिनमे मूल नायक नेमीनाथ भगवान, पारस नाथ भगवान, आदि नाथ भगवान की भी पाषाण कालीन मूर्तिया विराजमान है। जिनके दर्शन अन्य जगहो पर दुर्लभ है।
जिसका दर्शन मात्र दिगम्बर जैन मंदिर में होता है। जहां पर सभी मनोकामनाए पूरी होती है।

जन्म दिन पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का बुधवार को दिगम्बर जैन मंदिर में जन्म दिन मनाया जाएंगा। जिसमे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नरेश जैन ने बताया कि सुबह ८ बजे प्रभात फेरी निकाली जाएंगी। जिसका समापन १२ बजे होगा। इसके बाद भगवान का अभिषेक कराया जाएंगा। जिसमे समाज के सभी लोग शामिल होगे। दोपहर में भंडारे का भी आयोजन किया जाएंगा। शाम को संगीत मय आरती भजन के बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।