
Investigation started in PF amount deduction, report sought in three d
शहडोल. जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारी को बिना नोटिस दिए काम से निकालने व पीएफ की राशि न देने के मामले में श्रम विभाग ने सख्ती दिखाई है। अस्पताल प्रबंधन व ठेका कंपनी को सहायक श्रमायुक्त ने नोटिस जारी कर 12 मई को अनिवार्य रूप से दस्तावेज के साथ प्रस्तुत होने कहा है। नोटिस मे पूछा है कि आवेदक सुनील कुमार गुप्ता को किस कारण कार्य से निकाला गया है। अगली सुनवाई में आवेदक को निकाले जाने की नोटिस व नोटिस में आवेदक के द्वारा दिए गए जवाब को अनिवार्य प्रस्तुत करने केे निर्देश जारी किए गए है। संबधित दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर कार्यवाही की जाएगी। श्रमायुक्त के द्वारा पूर्व में भी कई बार अस्पताल प्रबंधन व ठेका कंपनी को जवाब तलब के लिए बुलाया गया था लेकिन नियत तिथि पर अस्पताल प्रबंधन व ठेका कंपनी के द्वारा जवाब नहीं दिया गया था। जिसके चलते प्रकरण के निराकरण करने में दो माह से अधिक समय बीत गया। गौरतलब है कि आवेदक अस्पताल में एक्स सर्विस मैन सिक्योरिटी फोर्स के अंडर में काम करता था जिसको ठेका कंपनी के द्वारा वेतन के साथ पीएफ देने की बात कही गई थी लेकिन जब आवेदक दो वर्ष बाद अपना पीएफ मांगना चाहा तो अस्पताल प्रबंधन व ठेका कंपनी के सुपरवाइजर के द्वारा कर्मचारी को बिना सूचना के काम से निकाल दिया गया था जिसकी शिकायत कर्मचारी सुनील कुमार गुप्ता ने जिला प्रशासन से किया था। प्रशासन द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच श्रमायुक्त को करने को कहा था। जिसकी बीते दो माह से चल रही है व अगली सुनवाई 12 मई तय की गई है।
Updated on:
30 Apr 2022 12:09 pm
Published on:
30 Apr 2022 11:56 am
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