
सीखो- कमाओ योजना से युवाओं को रोजगार व विकास के नए अवसर मिलेंगे
शहडोल. सीखो-कमाओ योजना के क्रियान्वयन संबंधी बैठक का आयोजन मंगलवार को किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार एवं विकास के नए अवसर देगी। सभी संबंधित अधिकारी मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को लाभान्वित करें तथा युवाओं को इस योजना के संबंध में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मुहैया कराएं। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से युवाओं को रोजगार के लिए कौशल सिखाने नई योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री सीखो कमाओं योजना में युवाओं को प्रशिक्षण देने वाले प्रतिष्ठानों का पंजीयन 7 जून से और काम सीखने के इच्छुक युवाओं का पंजीयन 15 जून से शुरू होगा और प्लेसमेंट 15 जुलाई से आरंभ होगा। कार्य सीखाने वाले प्रतिष्ठान और राज्य शासन के बीच 31 जुलाई से अनुबंध की कार्यवाही होगी। एक अगस्त से युवा, कार्य आरंभ कर देंगे। बैठक में प्राचार्य आईटीआई एस.के. वर्मा, जिला कोषालय अधिकारी राम मिलन सिंह, ट्रेनिंग ऑफिसर आईटीआई, सहायक प्रबंधक जीआईसी शैलेंद्र विश्वकर्मा, श्रम निरीक्षक चरणा गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
18 से 29 वर्ष के युवा होंगे पात्र
योजना में कम से कम एक लाख युवाओं को प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी, 18 से 29 वर्ष के युवा, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं अथवा आईटीआई या उच्च है, वे योजना में पात्र होंगे। प्रशिक्षण के बाद मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा स्टेट कॉउसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। योजना से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड मिलेगा, कौशल उन्नयन से उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य क्षेत्र चिन्हित
योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रेवल, अस्पताल, रेलवे, आई.टी. सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। मीडिया, कला, कानूनी और विधि सेवाएं, शिक्षा-प्रशिक्षण तथा सेवा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठान भी योजना में सम्मिलित होंगे। योजना से प्रशिक्षणार्थियों को उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण, नवीनतम तकनीक और प्रक्रियाओं में दक्षता प्राप्त होगी, जिससे उनके नियमित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योजना से प्रमुख प्रतिष्ठानों को जोडऩे के लिए पुणे, बैंगलुरू और नोएडा में कार्यशालाए की जाएंगी। साथ ही प्रदेश में युवाओं को योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से संभाग और जिला स्तर पर गतिविधियां संचालित होंगी।
8 से 10 हजार रुपए तक होगा स्टाइपेंड
योजना से देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा निजी संस्थानों को जोड़ा जाएगा। प्रतिष्ठान के पास पेन नंबर और जीएसटी पंजीयन होना आवश्यक होगा। प्रतिष्ठान अपने कुल कार्यबल के 15 प्रतिशत की संख्या तक छात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दे सकेंगे। योजना में 12वीं उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को 8 हजार रुपए, आईटीआई उत्तीर्ण को 8 हजार 500 रुपए, डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9 हजार रुपए और स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षणिक योग्यता वालों को 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा।
Published on:
01 Jun 2023 11:39 am
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