9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंगलाष्टक व श्रीजी का हुआ अभिषेक, युवाओं ने किया ततवार्थ सूत्र वाचन

पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन जैन समाज ने उत्तम आर्जव धर्म का जाना महत्व

less than 1 minute read
Google source verification

मंगलाष्टक व श्रीजी का हुआ अभिषेक, युवाओं ने किया ततवार्थ सूत्र वाचन
पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन जैन समाज ने उत्तम आर्जव धर्म का जाना महत्व
शहडोल. नगर के श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दस लक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का दिन रहा। मंदिर में सुबह 6.30 बजे से मंगलाष्टक के बाद श्रीजी का अभिषेक प्रारंभ हुआ। मंगलवार को पहले अभिषेक का सौभाग्य सुनील, सुधा, अदिति जैन एवं दूसरा अभिषेक सुशीला, मनीष, आशीष, सोनिया, ईशेष अक्ष जैन को प्राप्त हुआ। वहीं चार कलशों के माध्यम से विनोद, शशांक टोरी, रमेश और राकेश परख को अभिषेक का अवसर मिला। श्री जी के अभिषेक के बाद श्री जी पर शांति धारा करने का अवसर कमल, सरिता, अतिशय, रुचि नायक परिवार को और दूसरी शांति धारा करने का सौभाग्य प्रमोद, कल्पना, पवन, प्रतीक, रिचा, तपदीप सिंघई परिवार को प्राप्त हुआ। इसके बाद जैन समाज के मूल ग्रंथ ततवार्थ सूत्र का वाचन करने का अवसर समाज के युवा साथियों को प्राप्त हुआ। युवाओं ने बहुत ही अ‘छे तरीके से इसका वाचन किया। ततवार्थ सूत्र के दस अध्याय में &57 अर्घ हैं, जिनका वाचन युवाओं ने पूरे विधान के साथ किया। इसके बाद मधुर भैया ने तीसरे दिन के उत्तम आर्जव धर्म का महत्व बताया व विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। संध्या के समय मंदिर परिसर में सोशल ग्रुप के द्वारा डिजिटल प्रश्न मंच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के सभी ब"ो, युवा व बुजुर्ग शामिल रहे।