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घरों में तैयार की जा सकती है पोषण गृह वाटिका

सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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New Planet Vatika Plantation Panchavati

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शहडोल. कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. मृगेन्द सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला महिला बाल विकास अधिकारी राकेश खरे के सहयोग से पोषण संवेदनशील कृषि हेतु सुपरवाइजर एवं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में गोहपारू की सीडीपीओ संग सोहागपुर के कुंवरसेजा एवं जुगवारी, बुढ़ार के बिझिया एवं केशोरी, गोहपारू के देवगढ एवं खामा, जयसिंहनगर चंदेला एवं देवरा, ब्योहारी के खामड़ार के सुपरवाइजर एवं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
केन्द्र प्रमुख डॉ. मृगेन्द सिंह ने कहा कि परंपरागत फसलों का बढावा दिया जाना चाहिए एवं उनका उचित प्रसंस्करण किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण स्तर पर मौजूद संसाधनो का उचित प्रयोग किया जा सके। उन्होंने चिन्हाकिंत कुपोषित परिवारों की प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम और काउन्सिलिंग पर जोर दिया।
गृह वैज्ञानिक अल्पना शर्मा ने कहा कि जिले मे लगभग हर घर में बाड़ी, जमीन है जिसमे मुख्यत: मक्का या कुछ सब्जी लगाई जाती है। इस बाड़ी को अगर सही वैज्ञानिक क्यारीबद्ध तरीके यानी की सात दिन सात क्यारी के आधार पर तैयार किया जाये तो इससे पोषण गृहवाटिका से पूरेे परिवार के लिए पौष्टिक सब्जियॉ एवं फल साल भर के प्राप्त किया जा सकता है। जिससे संपूर्ण परिवार की न्यूट्रीशीनल सीक्यूरीटी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही पोषक गृह वाटिका में मुन्गा, पपीता, नींबू, अमरूद एवं मीठे नीम को ज्यादा से ज्यादा लगाए जाने पर जोर दिया।