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डिजिटल युग में नहीं बदली डाकिया की सवारी

पोस्टमैन आज भी साइकिल से करते हैं डाक वितरण का कार्य

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शहडोल. डाक विभाग में समय के अनुसार काफी बदलाव आया है, मगर पोस्टमैन की साइकिल की सवारी में कोई बदलाव नहीं आया है। परिवर्तन के दौर में शहर की आबादी और बस्तियों में भी वृद्धि हुई है। जहां आज भी डाकिया अपनी साइकिल से डाक वितरण के साथ बैंकिंग का कार्य भी करते हैं। पहले संसाधनों के अभाव में डाक घर की अहम भूमिका होती थी। जहां संचार की कोई व्यवस्था नहीं थी वहां डाकिया चि_ी पहुंचाते थे। समय के साथ बदलाव आया और डाकघर ने डिजिटल युग में कदम रखा। कई बचत योजनाएं चल रही हैं। वेबसाइट पर सारी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है। एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंकिंग सुविधा शुरू हो गई है, लेकिन डाकियों की साइकिल की सवारी जस की तस है। वह आज भी पुराने समय की तरह साइकिल से घर-घर चिट्ठी पहुंचा रहे हैं।
पोस्टमैनों की स्थिति
पत्र वितरण करने का दायरा-4 से 5 किलोमीटर प्रतिदिन
साइकिल भत्ता-180 रुपये प्रतिमाह
वेतन-नियमित को 20-22 हजार, संविदा को कलेक्टर दर।
पोस्टमैन की संख्या-नगर में 11, संभाग में 47
वर्दी, जूता, छाता व धुलाई भत्ता-5 हजार रुपये प्रतिवर्ष
कार्य-सामान्य डाक, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल और मनीआर्डर का वितरण व डिवाइस से खाता खोलना।
मजबूरी में बाइक से डाक का वितरण
पोस्टमैन बीएस सेंगर ने बताया कि वह मजबूरी में बाइक से डाक का वितरण करते हैं। जिसका मेन्टेनेस उन्हे साइकिल भत्ता से करना पड़ता है। प्रतिदिन एक लीटर पेट्रोल लग जाता है। बड़े शहरों में तो डाकियों को बाइक सुविधा दी जाती है। यपोस्टमैन नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि हम घरेलू खर्च मानकर बाइक से डाक वितरण करते हैं। जिससे फील्ड में काफी सुविधा होती है।
आसान है साइकिल की सवारी
अधिकांश पोस्टमैनों का कहना है कि विभाग की सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए पुरानी पद्धति यानि साइकिल ही अच्छी है, क्योंकि हर जगह, गली-मोहल्लों तक पहुंचने का यह बेहतर साधन है। हालांकि साइकिल के बदले मोटर साइकिल की सुविधा शुरू हो जाए तो समय बहुत कम लगेगा, लेकिन विभाग से इसका भत्ता नहीं मिलता। साइकिल के लिए प्रति माह 180 रुपये मानदेय निर्धारित है।
खाता खोलने का भी करते हैं कार्य
पोस्ट ऑफिस में करीब नौ तरह की बचत योजनाएं चल रही हैं। जिसमें सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, अकाउंट, टाइम डिपॉजिट अकाउंट, मंथली इनकम स्कीम अकाउंट, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम अकाउंट, पब्लिक प्रोविडेंट फंड या पीपीएफ अकाउंट, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना व इंडिया पोस्ट पेमेंट योजना शामिल है।

इनका कहना है
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक डाक सेवाएं दी जा रही हैं। डाक सेवा अब काफी अपडेट हो चुकी है और विभाग की जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है, मगर पोस्टमैन अभी साइकिल से ही कार्य कर रहे है।
एस एम फारूकी, पोस्टमास्टर, शहडोल