
Residents of this town will wait for water to do more
शहडोल. 37 करोड़ 33 लाख की ब्यौहारी में स्वीकृत जल आवर्धन योजना अब लगभग 50 करोड़ की हो चुकी है। महज 18 माह की समयावधि में बनकर तैयार होने वाली यह महत्वपूर्ण योजना स्वीकृति के लगभग छ: वर्ष बाद भी पूरी तरह से सार्थक साबित होती नजर नही आ रही है। डीपीआर के आधार पर कंपनी ने कार्य पूर्णता की बात कहकर टंकियों से पानी सप्लाई का कार्य तो शुरु कर दिया है लेकिन अभी भी कई वार्ड ऐसे हैं जहां पूरी तरह से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सबसे ताज्जुब की बात तो यह है कि कंपनी व स्थानीय नगर परिषद द्वारा की गई इतनी लेट-लतीफी के बाद भी प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से चुप रहा और इतने इंतजार के बाद भी पूरे नगर को पानी सप्लाई नही हो पा रहा है। ब्यौहारी नगर में व्याप्त जल संकट से निजात पाने के लिए एक मुश्त केन्द्रीय सहायता योजनान्तर्गत वर्ष २०१२ में जल आवर्धन योजना की रूपरेखा तय कर कार्य स्वीकृत किया गाय था। लगभग ३७ करोड़ ३३ लाख की लागत से फिल्टर प्लांट, पानी टंकी निर्माण व सप्लाई की समुचित व्यवस्था किया जाना स्वीकृत हुआ था। जिसके तहत वाणसागर बांध से पानी लाकर ब्यौहारी नगर में सप्लाई करना उद्देश्य था। इस उद्देश्य की प्रतिपूर्ति में छ: वर्ष का समय लग गया और अभी भी यह पूरा होता नजर नही आ रहा है। कंपनी तो दाबा कर रही है कि जो डीपीआर में था वह उसने पूरा कर दिया है लेकिन अभी भी नगर के कई मोहल्ले प्यासे हैं।
गलियों में बिछानी है पाईप लाईन
कंपनी द्वारा फिल्टर प्लांट, टंकी व मुख्य पाईप लाईन डालने का काम पूरा कर लिया है। विडम्बना यह है कि नगर वासियों को जिस पाईप लाईन के माध्यम से गली-गली पानी पहुंचाना है उस पाईप लाईन के बिछाने का कार्य अभी भी पूरा नही हो पाया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में परिषद की बैठक में कुछ वार्डों की गलिया पूर्व में बनाए गए डीपीआर में छूट गई थी। उन गलियों में भी पाईप लाईन बिछाने का अनुमोदन किया गया है। जब तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य पूर्ण नही होता है तब तक पानी सप्लाई कर भी दी जाती है तो वह नगर वासियों के लिए हितकर नही होगा।
पुरानी व्यवस्था से ही चला रहे काम
अभी भी नगर वासी पुरानी व्यवस्था से ही काम चलाने के लिए मजबूर है। पुरानी टंकियों के साथ ही नई टंकियों का कनेक्शन भी पुरानी पाईप लाईन से करके पानी सप्लाई का कार्य फिल-हाल किया जा रहा है। जब तक नई पाईप लाईन बिछाने का कार्य पूरा नही होगा तब तक पूरे नगर में पानी सप्लाई की सुविधा बहाल नही हो पाएगी। जिस तरह से इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है उसे देखते हुए अभी नगर वासियों को राहत के आसार नजर नही आ रहे हैं। जानकारों की माने तो फिलहाल जिस पुरानी पाईप लाईन से पानी सप्लाई का कार्य किया जा रहा है उसमें लगभग 900 कनेक्शन ही है। जबकि नगर परिषद के १५ वार्डों को मिलाकर लगभग २५ हजार की आबादी पूरे नगर की है।
Published on:
15 Mar 2018 09:56 am
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