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video story जीवन का पाठ तथा अनुशासन सिखाता है विद्यालय: मुनिश्री

मुनिश्री निरंजर सागर महाराज ने रघुराज क्रमांक 2 के विद्यार्थियों को किया प्रेरित

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शहडोल. 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री निरंजन सागर महाराज ने बुधवार को उत्कृष्ट उ‘चतर माध्यमिक विद्यालय रघुराज क्रमांक 2 में राष्ट्र प्रेम, राष्ट्रीयता, अपने माता-पिता का सम्मान एवं 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। उन्होने ब”ाों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने आप को छोटा ना समझे जिस तरह से जंगल में आग लगने पर चिडिय़ा के द्वारा आग बुझाने के लिए अपनी चोंच से पानी डाला गया जब उसे किसी ने पूछा कि इस जंगल की आग तुम्हारे चोंच के पानी से भला कैसे बुझेगी तो उसने कहा कि मैं अपना प्रयास अंत समय तक जारी रखूंगी। इसी तरह आप अपने माता-पिता को प्रेरित कर मतदान के लिए अवश्य भेजें। मुनिश्री ने कहा कि विद्यालय जीवन का पाठ तथा अनुशासन सिखाता है। भले ही प्राण निकल जाएं पर मांसाहार का सेवन कभी नहीं करना चाहिए। महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाना स्वीकार किया पर मांसाहार का उपयोग नहीं किया। जिनके मुख से श्री रामचंद्र, श्री कृष्ण का नाम निकलता है उसे मुख से मांसाहार का सेवन करना उचित नहीं है। उन्होने महाभारत एवं रामायण का उदाहरण देते हुए समझाया कि जीवन में सलाह और सहयोग दोनों जरूरी हैं। पांडवों ने श्री कृष्ण की सलाह मानी और कौरवों ने मामा शकुनी की इसीलिए पांडव विजयी और कौरव पराजित हुए। इसी तरह लक्ष्मण जी ने राम का साथ दिया और रावण के भाई विभीषण ने उनका साथ नहीं दिया अत: रावण को पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि आपको गति चाहिए या प्रगति, क्योंकि गतिशील तो कोल्हू का बल भी होता है उसकी आंख पर पट्टी बंधी होती है और वह एक मार्ग पर घूमता रहता है, लेकिन प्रगति करने वाला हमेशा आगे बढ़ता है। मुनिश्री के आगमन पर आचार्य वेद नारायण शुक्ला ने मंत्रो‘चारण के साथ मुनिश्री को प्रवेश कराया व ब”ाों ने रंगोली सजाकर मुनिश्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत राजेश जैन ने ब‘चों को मतदान के लिए अपने माता-पिता एवं पड़ोसियों को प्रेरित करने कहा। साथ ही अपने माता-पिता के चरण वंदन, उनके पद प्रक्षालन करने की सलाह दी और कहा कि अगर आप ऐसा करेंगे तो आप अपने जीवन में परिवर्तन स्वयं देखेंगे। अपने माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करें। सहायक आयुक्त आनंद राय सिंह ने मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया और मुनि श्री के द्वारा पूछे गए इतिहास संबंधी प्रश्नों के उत्तर ब‘चों को समझाए। कार्यक्रम का संचालन लाल जी तिवारी, विद्यालय का प्रतिवेदन आरपी सिंह तथा 108 आचार्य श्री विद्यासागर तथा मुनिश्री निरंजन सागर का जीवन परिचय साधना जैन व्याख्याता ने प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन रघुराज क्रमांक 1 की प्राचार्य आभा त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में रघुराज क्रमांक 1 और रघुराज क्रमांक 2 के लगभग 400 ब‘चे और 50 शिक्षक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की समाप्ति पर मुनिश्री के आशीर्वाद से अपर कलेक्टर के हाथों से सभी शिक्षकों तथा सभी ब‘चे ब‘िचयों को उपहार दिया गया एवं आचार्य विद्यासागर महाराज का प्रेरणा सूत्र इंडिया नहीं भारत बोलो का नारा दिया गया।