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जिला अस्पताल में पदस्थ नर्स की संदिग्ध मौत,परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

दहेज के लिए प्रताडि़त करने वाले आरोपी को एक साल की सजा

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बोम्मई ने किया सुधाकर का बचाव, विपक्ष पर साधा निशाना

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शहडोल.ऐंताझर में रविवार को एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि प्रिया द्विवेदी पति अरविंद द्विवेदी 26 वर्ष को दोपहर करीब 1 बजे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल उपचार के लिए लाया गया था। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार मृतिका प्रिया द्विवेदी जिला चिकित्सालय में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ थी रोज की तरह शनिवार को नाइट ड्यूटी मेल मेडिकल वार्ड में करने के बाद सुबह 8 बजे घर चली गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे प्रिया को अचेत अवस्था में परिजन अस्पताल लेकर आए थे जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच करते हुए सीपीआर दिया था लेकिन कोई असर नहीं हुआ। बताया गया है कि मृतिका रीवा की रहने वाली है जिसकी शादी करीब चार माह पूर्व ऐंताझर में हुई थी। बताया जा रहा है कि युवती पिछले कई दिनों से परेशान चल रही थी। घटना के पहले भी कई लोगों को फोन किया था। पुलिस जांच कर रही है।
इनका कहना
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर मृतिका पदस्थ थी। नाइट ड्यूटी कर सुबह घर निकल गई थी दोपहर करीब 1 बजे उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था।
डॉ. जीएस परिहार, सिविल सर्जन
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दहेज के लिए प्रताडि़त करने वाले आरोपी को एक साल की सजा
शहडोल. दहेज प्रताडऩा के मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने एक आरोपी को एक वर्ष के कारावास से दंडित किया है। आरोपी सुनील पाठक निवासी सरईकांपा बुढार थाना बुढार को दोषी पाते हुए एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। प्रकरण में मनोज कुमार पनिका एडीपीओ बुढ़ार ने पैरवी की। सहायक जिला जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार रौतेल ने बताया कि पीडि़ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 29 अप्रेल 2007 को आरोपी सुनील पाठक के साथ विवाह हुआ था। उसकी दो संताने हैं । शादी के कुछ समय बाद से ही पति सुनील, सास सुंदर बाई पाठक और जेठानी कविता पाठक पैसों की मांग करने लगे। कम दहेज जाने की वजह से ताने देते थे। कहते थे जब अपने मायके से पैसे लेकर आएगी तब ठीक से रखेंगे। पैसों की बात को लेकर मेरे पति मेरे साथ मारपीट करते थे। मेरी सास और जेठानी मुझे खाना नहीं देते थे और प्रताडि़त करते थे। जेवर भी पति मुझसे छुड़ाकर अपने बड़े भाई को दे दिए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 498ए भादवि, 4 दहेज अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार पनिका ने अंतिम तर्क प्रस्तुत किए।

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