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बाहर से ही हो जाती थी जांच, और अंदर चलता था मिलावट का असली खेल

हाल ही में उजागर हुआ था तेल मिल में मिलावट का खेल...

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The real business of adulteration was going on inside

शहडोल- शहर के बीच रमेश मिल में चल रहे नकली और मिलावटी तेल के कारोबार को लेकर खाद्य विभाग के अधिकारी अंजान बने हुए थे। फैक्ट्री के भीतर पिछले लंबे समय से मिलावटी तेल बनाने का सिलसिला चल रहा था लेकिन अधिकारियों को कोई खबर नहीं थी।

एसडीएम सोहागपुर की रमेश तेल मिल में कार्रवाई के बाद खाद्य एवं औषधि प्रबंधन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। खाद्य विभाग के अफसर रमेश तेल मिल के बाहर ही जांच करके खानापूर्ति कर लेते थे। अधिकारियों ने कभी तेल मिल के भीतर जांच की जहमत नहीं उठाई।

नतीजा यह था कि अधिकारियों से बेखौफ रमेश तेल मिल का संचालक मिल के भीतर मिलावटी और नकली तेल का व्यापक स्तर पर तैयार कर रखा था। यहां पर एसडीएम की टीम ने तेल की बड़ी खेप ऐसी जब्त की थी, जिसमें अंतिम तिथि ही नहीं दी गई थी। इसके अलावा मिलावट तेल भी जब्त कियाथा।

पांच माह पहले की थी बाहर से जांच
खाद्य एवं औषधि प्रबंधन विभाग की मानें तो रमेश तेल मिल की अंतिम जांच सितंबर २०१७ में की गई थी। अधिकारियों ने स्वयं स्वीकारा है कि हमने तेल की जांच की थी लेकिन भीतरी हिस्से को नहीं देखा था। अफसरों ने तेल की मैनुफैक्चरिंग नहीं देखी फिर भी सब सही होने की रिपोर्ट दे दी थी। इससे खाद्य एवं औषधि प्रबंधन विभाग की कार्रवाई और जांच पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

यह मिलीं थी मिल में खामियां
- डोरी के तेल से कई ब्रांडेड सरसों का तेल तैयार किया जा रहा था।
- लोकल तेल में कई केमिकल और पुराना तेल की मिलावट की जा रही थी।
- ब्रांडेड तेल पैकिंग को खोलकर खराब और डोरी का तेल मिलावट किया जा रहा था।
- एक्सपायरी होने के तेल में भी नई स्लिप लगाकर बेच देते थे।
- यहां पर 65 लीटर ऐसे तेल की बोतल जब्त हुई हैं, जो एक्सपायर हो चुकी थी।
- साढ़े 22 सौ लीटर तेल जब्त किया गया है, जिनकी कोई मैनुफैक्चरिंग ही नहीं थी।
- गोदाम में गंदगी के बीच ड्रम में पुराने तेल को गर्म किया जा रहा था।
- ड्रम में अन्य खराब तेल मिलाकर केमिकल मिलाते हुए नया तेल बनाया जा रहा था।

मिलावट के खिलाफ सामने आया संगठन, कमिश्नर को देंगे ज्ञापन
शहर में पिछले काफी समय से अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे तेल के नकली और मिलावट के खिलाफ उपभोक्ता अधिकार संगठन सामने आया है। उपभोक्ता अधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने कहा कि तेल, दाल और राइस मिल में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं की जा रही हैं और आमजन की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जनता से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

अंदर नहीं की थी जांच
खाद्य निरीक्षक बृजेश विश्वकर्मा के मुताबिक रमेश तेल मिल में कार्रवाई के दौरान कई खामियां उजागर हुई हैं। अंदर मिलावट और एक्सपायरी तेल का नया बनाने का खेल चल रहा था। पांच माह पहले रमेश तेल मिल में जांच की थी, मिल के भीतरी हिस्से में नहीं गए थे ं तेल का मिलावट का खेल चल रहा था। यहां पर व्यापक स्तर पर खामिया मिली हैं। हमने सेंपल लैब के लिए भेज दिया है।