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गरीब बच्चों के लिए छलका युवा आईएएस का दर्द, एक दिन में जुटा लिए लाखों रुपए

समाजसेवियों के साथ हर अधिकारी-कर्मचारियों ने कुपोषित बच्चों के लिए दे दी एक दिन की सैलरी संभाग में हैं कुपोषण के भयावह हालात, 45 हजार से ज्यादा हैं संभाग में कुपोषित बच्चे

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collector umaria

ias swarochish samvanshi

शहडोल। हौंसला, जुनून, हिम्मत न हारने का जज्बा और कुछ कर गुजरने की चाह। कुछ ऐसी ही कहानी है उमरिया कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी की। गरीब कुपोषित मासूमों के लिए युवा आईएएस सोमवंशी का दर्द कुछ इस तरह छलका कि एक दिन में लाखों रुपए जुटा लिए। कहते हैं किसी इंसान के अंदर कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो लाख कठिनाइयों के बाद भी मंजिल पा ही लेता है। तीन दिन के भीतर कलेक्टर उमरिया ने कुपोषित बच्चों के लिए पांच लाख रूपए जुटा लिए हैं। ये पांच लाख रुपए की मदद उमरिया के समाजसेवियों के साथ अधिकारी कर्मचारियों ने की है। प्रशासन के हर अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी-अपनी एक दिन की सैलरी कुपोषित बच्चों के लिए दी है। इसके साथ ही कई समाजसेवियों ने भी रेडक्रास के खाते में पैसा जमा कराकर आर्थिक मदद की है। कलेक्टर ने अन्य लोगों ने भी आर्थिक मदद की अपील की है। रेडक्रास खाते में लगातार समाजसेवी और अफसर कुपोषित बच्चों के लिए आर्थिक मदद कर रहे हैं।

कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी swarochish somavanshi ias कहते हैं, हम तो सिर्फ माध्यम हैं। गरीब कुपोषित बच्चों के लिए कुछ बेहतर होता है तो सुकून मिलता है। हमने समाजसेवी और हर वर्ग से आर्थिक मदद की बात कही थी। तीन दिन के भीतर पांच लाख रुपए लोगों ने आर्थिक मदद की है। लगातार समाजसेवियों के मदद के हाथ उठ रहे हैं। हमारे अफसर और कर्मचारी भी कुपोषण के खिलाफ जंग में कंधे से कंधा मिला रहे हैं। इन पैसों को एनआरसी को व्यवस्थित करने, कुपोषित बच्चों के परिजनों की मदद में व्यय किया जाएगा।


कुपोषण दूर करने में खर्च होगा यह पैसा
कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी के अनुसार, ये पैसा पोषण पुर्नवास केन्द्र को और बेहतर करने के साथ कुपोषित बच्चों के इलाज एवं परिजनों को आर्थिक मदद में खर्च किए जाएंगे। परिजनों को रोजगार से जोडऩे का भी प्रयास किया जाएगा। जब परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी तो बेहतर तरीके से पालन पोषण भी कर सकेगा। इसके लिए अधिकारियों के साथ बैठक लेकर प्लानिंग भी तैयार की जा रही है।


एक ने 83 अफसरों के साथ लिया गोद, दूसरे कलेक्टर ने निकाली एसी
पत्रिका की मुहिम के बाद कलेक्टर अनूपपुर चन्द्रमोहन ठाकुर और 83 अफसरों ने कुपोषित बच्चों को गोद लिया है। कलेक्टर ने खुद एक कुपोषित बच्चे को गोद लिया है। कलेक्टर उमरिया स्वरोचिष सोमवंशी ने एनआरसी को व्यवस्थित करने की दिशा में लेटलतीफी होने पर खुद के चैंबर के साथ मीटिंग हॉल के चार एसी निकालकर एनआरसी में बच्चों के लिए लगवा दिया था।


पत्रिका की मुहिम : आयोग का संज्ञान, अफसरों की पहल
कुपोषण के खिलाफ पत्रिका लगातार मुहिम चला रहा है। संभाग में 45 हजार से ज्यादा कुपोषित बच्चे हैं। पांच हजार से ज्यादा अतिकुपोषण का दंश झेल रहे हैं। कुपोषण से मौत भी हो चुकी है। पत्रिका पिछले छह माह से लगातार कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रहा है। मानव अधिकार आयोग भी संज्ञान ले चुका है।
आयोग ने संभाग की लचर व्यवस्था पर सीएस मध्यप्रदेश, प्रमुख सचिव और कमिश्नर से जवाब भी मांगा था। अफसर कुपोषण के खिलाफ लगातार बैठक ले रहे हैं। पत्रिका और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से गांव गांव से हजारों कुपोषित बच् चों को ढूंढकर एनआरसी में भर्ती कराया गया है।

इस तरह कोई भी हर सकता है मदद
प्रशासन के माध्यम से रेड क्रास सोसाइटी उमरिया का अकाउंट तैयार है। खाता क्रमांक 10924525505 है। ये खाता रेड क्रास सोसाइटी उमरिया का है। जिसका आईएफएसई कोड एसबीआईएन 000134 है। इस खाते में समाजसेवियों के साथ अधिकारी भी पैसा ट्रंासफर कर कुपोषित बच् चों के लिए मदद कर रहे हैं।