
there are Lakhs sap of govenment
शहडोल. कलेक्टर नरेश पाल के निरीक्षण के दौरान ब्यौहारी तहसील में राजस्व अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। ब्यौहारी तहसील क्षेत्र में लगभग ६६ लाख ७६ हजार रुपए डायवर्सन के बकाया होने पर कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों को फटकार लगाई है। उन्होंने ३१ मार्च तक राशि वसूली करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि अगर इस कार्य में लापरवाही मिली तो जवाबदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने यह निर्देश एसडीएम कार्यालय ब्यौहारी, तहसीलदार ब्यौहारी, नायब तहसीलदार बुडवा, नायब तहसीलदार खांड के राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करने के दौरान दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ब्यौहारी तहसील के सभी राजस्व न्यायालयों मे नक्शा तरमीम की स्थिति ठीक नहीं है, नक्शा तरमीम की स्थिति में तत्काल सुधार लाया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह में ब्यौहारी तहसील के सभी राजस्व न्यायालयों में नक्शा तरमीम की स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सात दिनों के अंदर गिरदावरी का कार्य समाप्त करें, इसके लिए सभी राजस्व अधिकारी तेजी से मोबाइल गिरदावरी का कार्य कराएं। कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अविवादित नामांतरण के निराकरण की स्थिति भी राजस्व न्यायालयों में ठीक नहीं है। इसमें तत्काल सुधार लाया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि पटवारी प्रतिवेदन के अभाव में कोई राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। अगर पटवारी प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं करते तो ऐसे पटवारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि व्यावसायिक प्रयोजन के डायवर्सन के प्रकरणों को दर्ज किया जाए। कलेक्टर को नायब तहसीलदार बुड़वा ने बताया कि आर/16 में 67 प्रकरण दर्ज हैं , कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निराकरण की स्थिति अत्यंत खराब है। इनके प्रकरणों का निराकरण कराएं नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
पोषण पुनर्वास केंद्र ब्यौहारी का किया निरीक्षण
कलेक्टर नरेश पाल नेे पोषण पुनर्वास केंद्र ब्यौहारी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केन्द्र के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती के लिए आने वाले बच्चों के परिजनों को बच्चों की कैसे देखभाल करना है इसके संबंध में समुचित जानकारी दें, उनका मार्गदर्शन करें। पोषण पुनर्वास केंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि चालू माह में लगभग 10 बच्चे भर्ती हुए हैं, कर्मचारियों ने बताया कि हर माह 22 से 23 बच्चे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती होने आते हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केंद्र में समुचित बच्चों को प्रवेश दिलाएं। उनकी उचित देखभाल करें।
Published on:
05 Feb 2018 12:12 pm
बड़ी खबरें
View Allशहडोल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
