भाजपा और कांग्रेस के दफ्तरों में सुबह से सन्नाटा, भाजपा जुटी एकात्म यात्रा में, कांग्रेस नेता भी जुटे अपने काम में
शहडोल. गुजरात चुनाव के प्रचार से लेकर परिणाम तक पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं, लेकिन एक क्षेत्र ऐसा भी है जहां के नेताओं के चेहरे पर न तो हिमाचल जीतने की हंसी और न ही गुजरात फिर गंवाने का गम। यहां हर रोज की तरह ही माहौल है। कांग्रेस कार्यालय में ताला लटक रहा है और भाजपा कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। भाजपा वाले शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित करने के लिए गांव-गांव से लोहा इकट्ठा कर रहे हैं और एकात्म यात्रा में व्यस्त हैं। चूंकि कांग्रेस दोनों जगह चुनाव हार गई है तो वे भी अपने काम में लगे हुए हैं।
गुजरात चुनाव को लेकर देश भर में काफी गहमागहमी थी। एक बहुत बड़ा खेमा इस बात का दावा कर रहा था कांग्रेस इस बार गुजरात में कुछ करिश्मा करके दिखाएगी। सुबह जब चुनाव रुझान आ रहे थे तो कुछ देर के लिए कांग्रेस गुजरात में आगे हो गई थी। अहमदाबाद में तो जश्न भी शुरू हो गया था लेकिन इतना सब होने के बाद भी शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में कांग्रेस कार्यालयों में सन्नाटा ही रहा। यहां पर किसी कांग्रेसी में इन रुझानों ने ऊर्जा नहीं भरी। कांग्रेस कार्यालयों में सन्नाटा ही पसरा रहा, यहां कोई हलचल नहीं दिखाई दी। हालांकि एक दिन पहले तो कांग्रेस के लोग गुजरात में सरकार बनाने का दावा कर रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी तो कांग्रेस के फिर से पीछे जाती गई और कांग्रेस की उम्मीदें फिर से धूमिल हो गईं।
उधर दोनों सूबों में भाजपा ने सरकार बना ली लेकिन भाजपा कार्यालयों पर भी जश्न मनाने जैसी स्थिति नहीं दिखी। भाजपा कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा हुआ था। एक-दो लोग जरूर टीवी पर रुझान और परिणाम देखते हुए मिले। सुबह से सभी भाजपा कार्यकर्ता अपने कामों में जुटे हुए थे। भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री संतोष त्यागी ने बताया कि दोनों प्रदेशों के परिणामों पर उनकी नजर है। जीत मिलना अच्छी बात है। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य की प्रतिमा के लिए धातु इकट्ठा करने के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है, उसकी एकात्म यात्रा अमरकंटक से निकाली जानी है, इस वजह से वह अमरकंटक में हैं। उधर दूसरे भाजपा नेता भी अपने कामों में ही व्यस्त रहे। दोनों प्रदेशों में जीता का माहौल भाजपा के कार्यालयों में भी नहीं दिखा।
एक दिन पहले किया था दोनों ने जीत का दावा
मतगणना से एक दिन पहले दोनों पार्टियों के स्थानीय नेताओं ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया था। हालांकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने कहा था कि उनकी हिमाचल में तो सरकार नहीं बनेगी लेकिन गुजरात में तो इस बार सरकार जरूर बनेगी। हालांकि गुजरात में भी कांग्रेस का दावा फेल ही साबित हुआ, लेकिन कुछ देर के रुझानों ने कांग्रेस को जश्न मनाने का मौका जरूर दिया, लेकिन जैसे-जैसे रुझान आगे बढ़े कांग्रेस की खुशी के पल दूर होते चले गए।