
शहडोल- स्थानीय रघुराज स्कूल में हाईस्कूल व हायर सेकेण्ड्री का कॉपियों का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। जिसमें अलग-अलग विषयों के शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य के लिए पंजीयन कराया गया है। जिनके द्वारा कॉपियों का मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है। इनमें से कुछ ऐसे भी विषय हैं जिनके मूल्यांकन की रफ्तार काफी धीमी है।
जिसकी प्रमुख वजह विषय विशेषज्ञों के अभाव को माना जा रहा है। कॉपियों के मूल्यांकन के लिए ज्यादा से ज्यादा विषय विशेषज्ञों को जोडऩे के प्रयास किए गए हैं लेकिन इसके बाद भी आवश्यक्तानुसर मूल्यांकन कार्य के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
लौटानी पड़ेंगी कापियां
रघुराज स्कूल में चल रहे मूल्यांंकन कार्य के लिए हायर सेकेण्ड्री के कृषि समूह की कॉपियां भी मूल्यांकन कार्य के लिए भेजी गई है। समस्या यह है कि यहां कृषि समूह का संचालन ही नहीं हो रहा है। ऐसे में यहां विषय शिक्षक ही उपलब्ध नहीं है। जिसे देखते हुए अब इन कॉपियों को शिक्षा विभाग से जहां के लिए अनुमति मिलेगी वहां भेजा जाएगा।
अब तक 40 ने कराया पंजीयन
जिले में संस्कृत विषय के शिक्षकों का अभाव बना है। जिसका प्रभाव मूल्यांकन कार्य में पड़ता दिखाई दे रहा है। मूल्यांकन कार्य के लिए संस्कृत विषय के शिक्षक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि संस्कृत विषय के मूल्यांकन के लिए महज 40 शिक्षकों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 30-32 शिक्षक ही मूल्यांन कार्य में पहुंच पा रहे हैं। आलम यह है कि जिले में लगभग डेढ़ सौ शासकीय व इतने ही निजी विद्यालय संचालित है लेकिन संस्कृत विषय के आधा सैकड़ा शिक्षक भी मूल्यांकन कार्य के लिए नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं कुछ ऐसी ही स्थिति फिजिक्स विषय को लेकर भी है। फिजिक्स के शिक्षकों की कमी के चलते मूल्यांकन कार्य में परेशानी हो रही है।कमी के चलते मूल्यांकन कार्य में परेशानी हो रही है।
Published on:
05 Apr 2018 11:32 am

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