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बाघ गणना फस्ट फेज : शहडोल व जैतपुर के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की 32 बीटों में तलाशेंगे साक्ष्य

शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों से जुड़े साक्ष्य जुटाएंगे वन विभाग के कर्मचारीबाघ गणना को लेकर तैयारी पूरी, 17 से 23 नवंबर तक चलेगा फस्ट फेज

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बाघ गणना फस्ट फेज : शहडोल व जैतपुर के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की 32 बीटों में तलाशेंगे साक्ष्य

बाघ गणना फस्ट फेज : शहडोल व जैतपुर के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की 32 बीटों में तलाशेंगे साक्ष्य

शहडोल. जंगलो में बाघों की गणना को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। बुधवार को फस्र्ट फेज में सामान्य वन क्षेत्र में शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीवों के साथ बाघों की मौजूदगी के साक्ष्य तलाशने का काम वन अमले द्वारा किया जाएगा। फस्र्ट फेज की यह जनगणना जिले के दक्षिण वनमण्डल अंतर्गत शहडोल और जैतपुर वनपरिक्षेत्र में बुधवार से प्रारंभ होगी। यह फस्र्ट फेज 17 नवम्बर से 23 नवम्बर तक चलेगा। जिसमें दक्षिण वनमण्डल के शहडोल और जैतपुर वन परिक्षेत्र के लगभग 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली 32 बीटो में लगभग 40-45 वनकर्मी शाकाहारी और मांसाहारी जीवो से संबंधित साक्ष्य जुटाने का कार्य करेंगे।
बांधवगढ़ के कर्मचारियों का बना विशेष दल
बाघ गणना कार्य में मदद के लिए इस बार बांधवगढ नेशनल पार्क के अधिकारी कर्मचारियों को मिलाकर तीन दल बनाए गए हैं। जिसमें 3 रेंज अफसर के साथ 15 वनरक्षकों को शामिल किया गया है। जिनमें से 1 रेंजर और 5 वनरक्षकों का दल शहडोल, एक दल रीवा और 1 दल बैजूल भेजा गया है। यह दल बाघ गणना के दौरान आने वाली समस्याओं में संबंधित क्षेत्र के वनकर्मियों की मदद करेगा। अक्सर वनक्षेत्र में शिकार से संबंधित साक्ष्य तो मिलते ही लेकिन निशान पहचान में नहीं आते हैं। इसके अलावा भी कई समस्याएं आती है ऐसे में संंबंधित स्थान पर पहुंचकर यह दल वनकर्मियों की मदद करेगा।
प्रतिदिन तय करेंगे 5 किमी की दूरी
बुधवार की सुबह 6 बजे वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी बाघ गणना के कार्य में जुट जाएंगे। दक्षिण वन मण्डल के शहडोल और जैतपुर वनपरिक्षेत्र की बीटो में 17 से 23 नवम्बर के बीच होनी वाली इस गणना के लिए 2-2 किमी की ट्रांजिट लाइन बनाई गई है। इसी ट्रांजिट लाइन में पैदल चलकर वनकर्मियों को वन्यजीवों से जुड़े साक्ष्य तलाशने होगे। इसके लिए प्रतिदिन कम से कम 5 किमी का सफर वन कर्मियों को प्रतिदिन तय करना होगा।
एप पर अपलोड करेंगे साक्ष्य और फोटोग्राफ्स
इस बार की बाघ गणना में सबसे विशेष यह है कि पूरा कार्य पेपरलेस होगा। बाघ गणना में लगे सभी वनकर्मियों के मोबाइल पर एम स्ट्राइप एप डाउनलोड कराया गया है। जिसकी मदद से वनक्षेत्र में जहां भी शाकाहारी या मांसाहारी जीव विष्ठा, पेढ़ों पर निशान, पगमार्क, शिकार के निशान मिलेंगे उसकी जानकारी के साथ ही मौके के फोटाग्राफ्स भी एप पर ही अपलोड करेंगे। जिसे एप के माध्यम से कलेक्टर कर लिया जाएगा। एप के माध्यम से होने वाली इस गणना से बाद में अलग-अलग फेज की गणना के साक्ष्य मिलान में काफी सहुलियत होगी। साथ ही बाघ गणना में लगे कर्मचारियों की परेशानी भी कम होगी।
इनका कहना है
बाघ गणना को लेकर तैयारी पूरी हो गई है। पहले फेज में दक्षिण वनमण्डल के शहडोल और जैतपुर वन परिक्षेत्र में बाघ गणना का कार्य किया जाना है। बुधवार की सुबह से उक्त दोनो वनपरिक्षेत्र की 32 बीटो में गणना का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
गौरव चौधरी, डीएफओ शहडोल।