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ऐसे नहीं मरा था बाघ, शिकार किया गया था उसका

सुलक्ष गई बाघ के शव की मिस्ट्री, जानिए कौन हैं गुनहगार
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nagaur

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ऐसे नहीं मरा था बाघ, शिकार किया गया था उसका
सुलक्ष गई बाघ के शव की मिस्ट्री, जानिए कौन हैं गुनहगार

शहडोल- शहर से की समीप कल्याणपुर की झाडिय़ों में मिले बाघ के शव की मिस्ट्री वन विभाग ने सुलझा ली है। आरोपी ने करंट से मौत का खुलासा किया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार उमरिया की सीमा से सटे नरवार गांव में खेत में बाघ का शिकार हुआ था। करंट की चपेट में आने से बाघ की मौत के बाद पांच आरोपी बाघ को वाहन में रखकर कल्याणपुर की झाडिय़ों में फेंक गए थे। मामले में वन विभाग गोहपारू की टीम ने राम सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी राम सिंह के अनुसार खेत में तार बिछी थी। जिसकी चपेट में आने से बाघ की मौत हुई थी। वारदात के बाद से आरोपी राम सिंह फरार था। गोहपारू टीम ने मुखबिर की सूचना पर सीधी के मझौली गांव में दबिश देकर गिरफ्तार किया है। वन विभाग की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, तीन अभी भी फरार हैं। इस घटना को लेकर बांधवगढ़ के बाघों के मूवमेंट पर मॉनीटरिंग को लेकर सवालिया निशान लग गए हैं। बांधवगढ़ के बाघ की मॉनीटरिंग नहीं हो रही थी, जिसकी वजह से मूवमेंट करता बाघ नरवार तक पहुंच गया था।

25 नवंबर को मिला था बाघ का शव
बाघ का शव 25 नवंबर को कल्याणपुर में केंन्द्रीय विद्यालय के पास बरामद हुआ था। जिसके बाद से हड़कंप मच गया था, कई दिन तक यही तय नहीं हो पा रहा था कि आखिर बाघ की मौत हुई कैसे? उसके बाद से ही वन विभाग यही कहता रहा था कि बाघ का शिकार नहीं बल्कि उसकी मौत प्राकृतिक हुई थी। इस मामले में अबतक दो डिप्टी रेंजर और एक वन रक्षक निलंबित किया जा चुके हैं। लेकिन अब
कल्याणपुर के झाडिय़ों के पास मिले शव की मिस्ट्री सुलझने के बाद वन विभाग पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।