19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिला अस्पताल में नहीं मिला उपचार, दो घंटे कराहती रही प्रसूता, मेडिकल कॉलेज में हुआ प्रसव

प्रसूता वार्ड में डॉक्टर की लापरवाही आई सामन

2 min read
Google source verification
जिला अस्पताल में नहीं मिला उपचार, दो घंटे कराहती रही प्रसूता, मेडिकल कॉलेज में हुआ प्रसव

जिला अस्पताल में नहीं मिला उपचार, दो घंटे कराहती रही प्रसूता, मेडिकल कॉलेज में हुआ प्रसव

शहडोल. जिला अस्पताल में प्रसव के लिए प्रसूता को दो घंटे तक भटकना पड़ा। बाद में प्रसूता को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया। जिला अस्पताल से ले जाने के बाद रात साढ़े 11 बजे प्रसूता का प्रसव कराया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। बताया गया कि जिस डॉक्टर की दोपहर की पाली में रात 8 बजे तक प्रसूती वार्ड में ड्यूटी थी, वह नदारद थी। परिजन इंतजार करते रहे लेकिन डॉक्टर नहीं मिली। बताया जा रहा है कि जिस डॉक्टर की रात 8 बजे से ड्यूटी थी वह काफी देरी से पहुंचे थे। इस दौरान प्रसूता कराहती रही और डॉक्टर ने रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम गोहपारु बरेली निवासी चंद्रावती अपने घर से 35 किलोमीटर का ऑटो मे सफऱ तय कर अस्पताल आई थी। पहले एंबुलेंस नहीं मिली। अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर मौजूद नहीं थे। यहां पर इलाज न मिलने पर कराहती रही। बाद में डॉक्टर ने रेफर कर दिया। परिजनों का कहना था कि शाम 7 बजे जिला अस्पताल शहडोल पहुंच गए थे। प्रसूता को काफी प्रसव पीड़ा हो रही थी लेकिन रात सवा 9 बजे तक प्रसूता वार्ड में डॉक्टर नहीं आए थे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ तिगेन्द्र सिंह की ड्यूटी थी। बाद में डॉक्टर ने देखकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों पर लगा लापरवाही का आरोप
शहडोल मेडिकल कॉलेज के दो चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोहागपुर थाने में शिकायत की गई है। पीडि़त विनीत गुप्ता पिता भइयालाल निवासी पुलिस लाइन ने शिकायत में कहा कि 18 नवंबर को अपनी 8 माह की बेटी को झटका आने की वजह से मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराया था। जिसका समुचित इलाज चिकित्सकों ने नहीं किया और उसी रात बेटी की मौत हो गई। पीडि़त ने आरोप लगाया कि है कि अगर समय रहते चिकित्सक इलाज कर देते तो बच्ची की जान बच सकती थी। पीडि़त ने दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।