
University will teach the lessons of classical dance and journalism
शहडोल. पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी क्लासिकल डांस के अलावा पुरातत्व, जर्नालिज्म और टूरिज्म का पाठ पढ़ाएगी। सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले नए शिक्षण सत्र में इन पाठ्यक्रमों को यूनिवर्सिटी में शुरू करा दिया जाएगा।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से कुलपति ने इन पाठ्यक्रमों के लिए हरी झण्डी दे दी है। इसके लिए प्रोफेशनल फैकल्टी को भी रखा जाएगा। जिनके द्वारा इन कोर्सो पर अलग अलग क्लास ली जाएगी।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मानें तो शहडोल में पिछले काफी समय से इन कोर्सो की कमी है। क्लासिकल डांस, पुरातत्व, जर्नालिज्म और टूरिज्म कोर्सो को कराने के लिए कोई संस्थान नहीं थे। जिसके मद्देनजर यूनिवर्सिटी ने इन कोर्सो को शुरू कराने की दिशा में फैसला लिया है।
सर्टिफिकेट कोर्स में एडमिशन
यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अनुसार क्लासिकल डांस, पुरातत्व, जर्नालिज्म और टूरिज्म में सर्टिफिकेशन कोर्स की शुरूआत की जाएगी। सर्टिफिकेशन कोर्सो में सफल होने पर यूनिवॢसटी बाद में डिग्री कोर्स शुरूआत करेगी। शहडोल में अब तक ये कोर्स संचालित नहीं हो रहे हैं। इन कोर्सो को करने के लिए शहडोल सहित अनूपपुर उमरिया और डिंडौरी के छात्र- छात्राओं को महानगरों का रूख करना पड़ता है। यूनिवर्सिटी में कोर्स शुरू होने से यहां के छात्र छात्राओं को फायदा मिलेगा।
बीएड के लिए हरी झण्डी का इंतजार
यूनिवर्सिटी में बीएड कोर्स को शुरू कराने के लिए भी प्लानिंग चल रही है। हालांकि यूनिवर्सिटी में इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब यूनिवर्सिटी को स्वीकृति के लिए हरी झण्डी का इंतजार है। प्रबंधन का मानना है कि हरी झण्डी मिलते ही इस शिक्षण सत्र से बीएड भी शुरू किया जा सकता है। इससे कम फीस में बीएड में छात्र प्रवेश ले सकेंगे।
इनका कहना है
यूनिवर्सिटी में नए शिक्षण सत्र में क्लासिकल डांस, पुरातत्व, जर्नालिज्म और टूरिज्म कोर्सो को कराने के लिए निर्णय लिया गया है। बीएड पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए भी प्लानिंग चल रही है। स्वीकृति मिलते ही बीएड भी शुरू कराया जाएगा। इन कोर्सो के संचालित होने से यहां के छात्र छात्राओं को काफी फायदा होगा।
डॉ. मुकेश तिवारी, कुलपति, पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी।
Published on:
01 Jan 2018 10:20 am
