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शहडोल

Video Story -गुरु पूर्णिमा : मालपुआ और चने का चढ़ा भोग, गुरुवंदना कर शिष्यों ने ली गुरुदीक्षा

मोहनराम तालाब मंदिर, कल्याणपुर हनुमान मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना

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शहडोल. गुरुपूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को मंदिरों व गुरुआश्रमों में सुबह से गुरु वंदना और गुरुदीक्षा का क्रम चला। मोहनराम तालाब मंदिर में चित्रकूट पुरानी लंका से पधारे रोहणिश्वर प्रपन्नाचार्य महाराज का आगमन रविवार की शाम को हो गया था। सोमवार की सुबह सर्वप्रथम उन्होंने अपने गुरु की पूजा अर्चना की। मंदिर में मालपुआ और चने का भगवान को भोग चढ़ा। इसके बाद रोहणिश्वर प्रपन्नाचार्य महाराज गुरु गद्दी में आसीन हुए। सुबह 8 बजे से दूर-दूर से आए शिष्यों ने गुरुवंदना की, फल, पुष्प, वस्त्र सहित अन्य सामग्री भेंट कर गुरु की आरती उतारी व आशीष प्राप्त किया। इस अवसर पर 30 से ज्यादा शिष्यों ने गुरु रोहणिश्वर प्रपन्नाचार्य महाराज से गुरुदीक्षा प्राप्त की। गुरुपूजा व गुरुदीक्षा का यह क्रम देर शाम तक चलता रहा। प्रदेश के उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, सीधी सहित अन्य जिलो के साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर सहित अन्य शहरों से बड़ी तादाद में शिष्य मोहनराम तालाब मंदिर पहुंच गुरु का आशीष प्राप्त किया।
मंदिर में भण्डारे का आयोजन
नगर के मोहनराम तालाब मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। शिष्यों को मालपुआ व चने का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बैठकर भण्डारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सभी को कढ़ी, चावल, सब्जी, पूड़ी व खीर का प्रसाद बैठाकर खिलाया गया। बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बिना गुरु संस्कार विहीन होता है जीव
जिला मुख्यालय से लगे कल्याणपुर हनुमान मंदिर में वृन्दावन धाम से पधारे आचार्य राघवकृष्ण महाराज ने गुरुदीक्षा व गुरु की महिमा का बखान करते हुए बताया कि बिना गुरु जीव संस्कार विहीन होता है। गुरु के शरण में आने से ही संस्कार मिलता है। दान, पुण्य, पूजा का फल गुरुमंत्र के बाद ही मिलता है। अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला गुरु पूर्ण व व्यापक होता है। हनुमान मंदिर में आचार्य राघवकृष्ण महाराज ने सुबह 9 बजे स्वामी अभयानंद महाराज व हनुमान जी की पूजा अर्चना की। इसके बाद दूर-दूर से हनुमान मंदिर पहुंचे उनके शिष्यों ने उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना कर आशीष प्राप्त किया। इस अवसर पर लगभग 20-25 शिष्यों ने आचार्य श्री से गुरुदीक्षा भी ग्रहण की। उन्होंने बताया कि शहडोल के साथ ही दूसरे जिलों से भी बड़ी तादाद में शिष्य पहुंचकर आशीष प्राप्त कर रहे हैं, यह क्रम देर शाम तक चलता रहेगा।