
Video Story-मस्ती की पाठशाला: बच्चे खेल-खेल में अर्जित कर रहे सिंधी भाषा के 52 अक्षर व गणित का ज्ञान
शहडोल. सिंधी समाज की मस्ती की पाठशाला में बच्चे खेल-खेल में सिंधी भाषा के 52 अक्षरों के साथ अंक गणित का ज्ञान अर्जित कर रहे हैं। इसके अलावा बच्चों को सिंधी संस्कृति, संत व महापुरुषों के बारे में भी बताया जा रहा है। हिन्दी साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद की पहल पर 5 जून से प्रारंभ की गई इस मस्ती की पाठशाला को लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखने मिल रहा है। सिंधी भाषा सिखाने के साथ ही इस डेढ़ घंटे की पाठशाला में बच्चों के मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कार्यकम संयोजक चंदन बहरानी ने बताया कि झूलेलाल सेवा मंडल सिंधी समाज द्वारा नगर के झूलेलाल मंदिर में प्रतिदिन शाम 5.30 बजे से बच्चों की मस्तीअ जी पाठशाला आयोजित की जा रही है। इसमें लगभग 35-40 बच्चे पहुंच रहे हैं। पाठशाला में आने वाले बच्चों को डबरा से आए प्रशिक्षक गुलाब लद्धानी सिंधी बोली, सिंधी गीत, संत महापुरुषों, सिंधी संस्कृति के साथ अन्य जानकारी प्रदान कर रहे हैं। इस पाठशाला में बच्चों को नित नई चीजें सीखने को मिल रही है। कार्यक्रम प्रतिदिन अतिथि के रूप में समाज के वरिष्ठ नागरिक, पदाधिकारी उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। शुक्रवार को आयोजित पाठशाला में अतिथि के रूप में विजय लोहरानी, संजय रोहरा, नंदू मंगलानी, अशोक बहरानी, गौतम राज, विवेक माधवानी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों को पाठ्य सामग्री रखने के लिए झोले वितरित किए गए।
पढ़ाई के साथ मनोरंजन भी
5 जून से 16 जून तक आयोजित मस्तीअ जी पाठशाला में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अक्षर ज्ञान के साथ गीत, कहानी व सवाल-जवाब सहित अन्य खेलों के माध्यम से भी उनके मनोरंजन के साथ ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समूह बनाकर अक्षरों की अंताक्षरी, पहेलियां पूछना व अन्य कार्यक्रम प्रतिदिन आयोजित किए जा रहे हैं।
Published on:
10 Jun 2023 10:14 pm

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