शहडोल. राज्य शासन ने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम अंतर्गत संचालित लोक सेवा केंद्रों में आवेदन प्रोसेसिंग शुल्क को 40 रुपए से घटाकर 20 रुपए कर दिया है। इसमें से 15 रुपए लोक सेवा केंद्रों के संचालकों और पांच रुपए जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी को देय होगा। यह आदेश 20 सितंबर से प्रभावशील हो गया है। इसके विरोध में बुधवार को जिले के सभी छह लोक सेवा केंद्र बंद रहे। लोक सेवा केंद्रों में ताला लटका रहा। एक भी आवेदन नहीं लिए गए। उनका कहना है कि शासन ने टेंडर शर्तों के विपरीत राशि कम की है। जिले में लोक सेवा केंद्रों का संचालन करने वालों का कहना है कि अभी एक दिन के लिए ही लोक सेवा केंद्रों को बंद किया गया है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है। साथ ही अपनी मांगों से संबंधित पत्र भी सौंप दिया है। अगर मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों भी केंद्रों को बंद रखा जा सकता है। जिले के सभी तहसील मुख्यालय में लोक सेवा केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिले में संचालित सभी छह लोक सेवा केंद्रों में रोजाना 500 से 600 के बीच में आवेदन आते हैं। जिला प्रशासन को सौंपे गए पत्र में लोक सेवा केंद्र संचालकों ने उल्लेखित किया है कि आवेदन प्रोसेसिंग शुल्क को यथावत रखा जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो लोक सेवा केंद्र संचालकों के हितों का ध्यान रखते हुए वीजीएफ राशि को दोगुना कर दिया जाए। ऐसा करने से कम फीस में भी काम करना संभव हो सकेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो वे लोक सेवा केंद्रों का संचालन करने में असमर्थ होंगे।