चुनावी रणनीति : गोंड, बैगा, कोल और पनिका समुदाय पर केंद्रित रहेगा पूरा कार्यक्रम
शहडोल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 27 जून को शहडोल में बड़ा कार्यक्रम होगा। राजधानी भोपाल से ज्यादा समय प्रधानमंत्री शहडोल में देंगे। इसके चलते पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। अब पीएम मोदी 27 जून को पहले भोपाल पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे शहडोल आएंगे। 3 बजे से साढ़े 7 बजे तके यानि साढ़े चार घंटे वे शहडोल में रुकेंगे। इसमें भी करीब तीन घंटे का समय वे पकरिया गांव में आदिवासी समुदाय को देंगे। उनके साथ भोजन भी करेंगे। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री का कार्यक्रम आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आदिवासी समुदाय के बीच पैठ बनाने और विंध्य क्षेत्र में सरकार के खिलाफ बनी एंटी इनकंबेंसी व पार्टी नेताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए तय किया गया है। पूरा कार्यक्रम संभाग व आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में निवास करने वाले गोंड, बैगा, कोल और पनिका समाज पर केंद्रित रहेगा। इससे पहले लालपुर हवाई पट्टी में प्रधानमंत्री सिकल सेल मिशन को लॉन्च करेंगे और हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए सभा को संबोधित करेंगे।
मुलाकात, संवाद और भोजन
लालपुर में सभा को संबोधित करने के बाद दोपहर बाद करीब चार बजे प्रधानमंत्री यहां से चार किमी दूरी पर स्थित ग्राम पकरिया जाएंगे। करीब तीन घंटे तक यहां रहेंगे। इस दौरान आदिवासी संस्कृति व लोक कलाओं का कार्यक्रम भी रखा गया है। इससे संबंधित प्रदर्शनी भी यहां लगाई जाएगी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के मुखिया के साथ संवाद करेंगे। स्वसहायता समूहों की लखपति दीदियों से मुलाकात करेंगे और पेसा समितियों के साथ चर्चा करेंगे। आदिवासी परिवार के साथ भोजन करेंगे।
मोटे अनाज के कई व्यंजन
भोजन में परोसे जाने वाले सभी व्यंजन मिलेट्स (मोटे अनाज) से निर्मित होंगे। इसमें मुख्य रूप से अंचल में उत्पादित होने वाले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री के साथ भोजन का कार्यक्रम सामूहिक होगा या किसी परिवार के साथ। इसमें प्रधानमंत्री के अलावा और कौन-कौन शामिल रहेंगे, अभी यह तय नहीं हुआ है। इसके अलावा पकरिया गांव में प्रधानमंत्री के साथ कौन-कौन शामिल होगा, यह भी तय है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरा कार्यक्रम फाइनल होगा।