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पत्नी का काट डाला था सिर, मिली ये सजा

पत्नी के साथ अवैध संबंध के संदेह में कर दी थी गला काटकर हत्या

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UP Police

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शहडोल। अवैध संबंधों के शक में पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले को कोर्ट ने नहीं बख्शा है बल्कि उसे कड़ी सजा देकर सबक सिखाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बुढ़ार ने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
इस तरह की जघन्य हत्या का मामला मामला अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत 17 जनवरी 2014 का है। जानकारी के अनुसार छोटेलाल श्रीवास्तव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि बेटा धनश्याम श्रीवास्तव 12 जनवरी 2014 को दोपहर नहाने के लिए गया था लेकिन लापता हो गया था। इसी दौरान मदनीबार नर्सरी में धनश्याम की लाश मिली थी। बताया गया कि गांव के ही लल्लूलाल बैगा की पत्नी के साथ धनश्याम की काफी नजदीकियां थी। अवैध संबंध के संदेह पर आरोपी लल्लूलाल बैगा ने धनश्याम की हत्या कर दी थी। एडपीओ नवीन कुमार वर्मा के अनुसार आरोपी लल्लूलाल ने धनश्याम के सिर को धड़ से अलग कर दिया था और बेरहमी से हत्या करते हुए शव को जंगल में छिपा दिया था। मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश चन्द्र तिवारी द्वारा की जा रही थी। मामले में लल्लूलाल बैगा के खिलाफ हत्या के कई साक्ष्य मिले। जिसके बाद हत्या का आरोपी पाते हुए आजीवन कारावास और अर्थदण्ड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ राजकुमार रावत द्वारा की गई थी।
आग से झुलसी नवविवाहिता की मौत, मायका पक्ष ने जताई हत्या की आशंका
अनूपपुर. राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र के विचारपुर ग्राम पंचायत के बरटोला गांव में बुधवार 20 दिसम्बर की रात 9 बजे संदिग्ध परिस्थतियों में आग से झुलसी 30 वर्षीय नवविवाहिता महिला रजिया बाई पति उग्रसेन बंजारा को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन गुरूवार सुबह १ बजे उपचार के लिए भर्ती हुई महिला की मौत सुबह 8 बजे हो गई। जिसके उपरांत परिजनों ने डॉक्टरों व स्टाफ नर्स की लापरवाही की बात कहते हुए अस्पताल परिसर में हंगाम मचाया, तथा महिला के पास उपचार के लिए रखे गए दवाईयों की बोतल को फेंक दिया। परिजनों का आरोप था कि रात के दौरान भर्ती होने के उपरांत डॉक्टरों व स्टाफ नर्सो ने मरीज का सही तरीके से उपचार नहीं किया।
डॉक्टर द्वारा लिखे गए दवाईयों को स्टाफ नर्स द्वारा महिला को चढ़ाया तक नहीं गया। परिजनों द्वारा बार बार स्टाफ नर्स से निवेदन करने पर नर्सो ने इलाज करने से मनाही कर दी और स्टाफ रूम का दरवाजा बंद कर सो गई। वहीं मृतिका के परिजनों ने ससुराल पक्ष द्वारा दी गई सूचना में मौत पर संदेह जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की। मृतिका के माता पिता गीता बाई बंजारा तथा सरदार बंजारा का कहना था पति-पत्नी के बीच जरूर कुछ हुआ होगा, तभी इस प्रकार की घटना सामने आई है। वहीं मृतिका के माता पिता ने ससुराल पक्षवालों पर आरोप लगाया कि जब उनकी पुत्री ने रात के समय आग लगाया तो मौत के उपरांत गुरूवार की सुबह उसे मोबाईल से क्यों सूचना दी गई। बताया जाता है कि उग्रसेन बंजारा की दो पत्नी है, जिसमें 12 वर्ष पूर्व पहली पत्नी गिरिजा बाई बंजारा तथा वर्ष 2016 में उसने रजिया बाई बंजारा से शादी रचाई थी। मृतिका के पति उग्रसेन के अनुसार वह रात को अनूपपुर से घर वापस लौटा था, जहां पत्नी रजियाबाई रोटी पकाने चूल्हे के पास गई थी। इसी दौरान डिब्बे पर रखी चिमनी अचानक गिर गई और उसकी साड़ी में भभक कर पकड़ ली। जहां पहली पत्नी और पति ने दौड़कर रजाई से ढककर आग को काबू किया तथा उपचार के लिए रात 12 बजे राजेन्द्रग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया।

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