मां-बाप के खिलाफ जाकर रमनदीप ने सुखजीत से लव मैरिज की थी. लेकिन मिट्ठू से दोस्ती प्यार में बदली तो रमनदीप ने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी. दुबई में रहने वाले इसी दोस्त के साथ मिलकर उसने पति की हत्या की साजिश रच डाली।
सुखजीत कौर और रमनदीप के बीच में आए तीसरे ने कई जिंदगियां तबाह कर दी। सुखजीत ने जालंधर की रहने वाली रमनदीप कौर से सन 2000 में शादी की थी जोकि पहले से ही इंग्लैंड के डर्बी में रह रही थी।
डर्बी में रहता था सुखजीत
बंडा के बसंतापुर के मूल निवासी सुखजीत इंग्लैंड के डर्बी शहर में रहता था। उसका एक फार्म हाउस बसंतापुर में है। सुखजीत की पंजाब के कपूरथला के मूल निवासी और दुबई में रहने वाले गुरुप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू से बचपन से दोस्ती थी। सुखजीत ने जालंधर की रहने वाली रमनदीप कौर से सन 2000 में शादी की थी जोकि पहले से ही इंग्लैंड के डर्बी में रह रही थी।
कई मौकों पर मिलते जुलते मिट्ठू और रमनदीप के बीच अच्छी दोस्ती हो गई और प्रेम सम्बन्ध गहरा गया। जुलाई, 2016 को सुखजीत परिवार और दोस्त मिट्ठू के साथ भारत आए थे। सभी 15 अगस्त को बसंतापुर स्थित फार्म हाउस पहुंचे। उसी फ़ार्म हाउस पर एक सितंबर की रात सुखजीत की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद मिट्ठू वहाँ से फरार हो गया। मामले की पड़ताल पर परत-दर-परत सच्चाई सामने आती गई और पुलिस कातिलों तक पहुँच गई।
पांच अक्तूबर को अदालत ने गवाहों के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद रमनदीप और मिट्ठू को दोषी माना था। शनिवार को अदालत ने दोनों की सजा का एलान किया। रमनदीप कौर को फांसी और मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने रमनदीप पर पांच लाख और मिट्ठू पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है: श्रीपाल वर्मा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता