
army uniform
शाहजहांपुर। देश को सेना के सिपाहियों को हम उनकी वर्दी से पहचानते हैं, लेकिन अगर ये वर्दी आम हो जाए तो ये समझ पाना बहुत मुश्किल होगा कि कौन सा व्यक्ति सेना का जवान है और कौन सा एक सामान्य नागरिक। इसके अलावा वर्दी के आम होने से आतंकवादी भी इसका फायदा उठाकर हमारे देश में आसानी से घुसपैठ कर सकते हैं, जिससे देश की सुरक्षा खतरे में आ जाएगी।
कुछ ऐसे ही हालात इन दिनों शाहजहांपुर में देखने को मिल रहे हैं। यहां भारतीय सेना की वर्दी बाजार में खुलेआम बेची जा रही है। वर्दी के साथ सारा सज्जो सामान भी आसानी से हासिल किया जा सकता है, जोकि देश के लिए खतरनाक भी हो सकता है।
दरअसल शाहजहांपुर में भारतीय सेना को वर्दी मुहैया कराने वाली सबसे बड़ी ऑर्डिनेंस क्लॉथिंग फैक्ट्री है। फैक्ट्री में बनी वर्दी, टोपी, जूते, स्टार, मेडल सहित सभी साजो सामान की चीजों को पुवांया रोड के बाजार में खुलेआम बेचा जाता है। कोई सामान्य व्यक्ति इसे खरीद सकता है। साथ ही इसका दुरुपयोग भी कर सकता है।
आपको बता दें कि शाहजहांपुर में एशिया की सबसे बड़ी आयुध वस्त्र निर्माण फैक्ट्री है जो सेना के कपड़े तैयार करती है। यहां से रिजेक्ट माल को दुकानदार खरीद लेते हैं। बाजार में इसे वे सेना की वर्दी बनाकर बेचते हैं क्योंकि यहां सेना की ब्रिगेड भी रहती है। खास बात ये है कि ये सारा मामला स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के भी संज्ञान में है, लेकिन फिर भी इसको रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जाते।
इस बारे में जब पुलिस अधीक्षक केबी सिंह से बात की गई तो उन्होंने माना कि सेना की वर्दी खुले में बेचे जाने पर प्रतिबंध होना चाहिए। साथ ही जांच करवाकर इस मामले में कार्रवाई की बात कही। वहीं सेना से जुड़े अधिकारी वीरेंद्र सिंह के अनुसार सेना की वर्दी कोई आम कपड़ा नहीं है। इसे खुले में बेचने पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए। ताकि इसका दुरूपयोग होने से रोका जा सके।
वहीं जिले की ऑर्डिनेंस क्लॉथिंग फैक्ट्री के जनरल मैनेजर सुदीप के बैनर्जी का कहना है कि बाजार में प्रतिबंधित करने के लिए सरकार को रोक लगानी चाहिए। इसके लिए फैक्ट्री के लोग कुछ नहीं कर सकते।
Published on:
03 Jan 2018 01:46 pm

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