शाहजहांपुर

Shahjahanpur: जेंडर चेंज कराकर सरिता से बने शरद, स्कूल के महिला मित्र से की शादी 2 साल बाद घर में गूंजी किलकारी

Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में असंभव को संभव कर देने वाला एक मामला सामने आया है। 2 साल पहले अपना जेंडर चेंज कराकर अपने स्कूल के महिला मित्र से शादी करने वाले शरद अब पिता बन गए हैं। एक निजी नर्सिंग होम में उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है।

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जेंडर चेंज कर कर पिता बनने वाले शरद और उनकी पत्नी

Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश शाहजहांपुर के रहने वाले शरद सिंह के घर में किलकारी गूंजी है। उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है। शरद सिंह का इससे पहले सरिता नाम था। 2 साल पहले इन्होंने अपना जेंडर चेंज कराकर शरद बन गए। फिर अपने स्कूल के महिला मित्र से इन्होंने शादी कर ली। पिता बनने के बाद शरद बहुत खुश हैं। शरद एक क्रांतिकारी परिवार से आते हैं।

Shahjahanpur News: शाहजहांपुर जिले के थाना खुदागंज क्षेत्र के नवादा दारोवस्त के रहने वाले शरद सिंह महिला के रूप में कागजों में दर्ज थे। इससे पहले उनका नाम सरिता सिंह था। सरिता सिंह काकोरी कांड के नायक ठाकुर रोशन सिंह की प्रपौत्री थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका कहना है कि बचपन से ही उन्हें जनरल डिस्फोरिया डिसऑर्डर नाम की लैंगिक समस्या थी। शुरुआती दौर में उन्होंने लड़की और महिलाओं की तरह जीवन जिया। लेकिन 15 से 16 साल की उम्र में उनकी आवाज पुरुषों की तरह एक दम भारी हो गई। और उनके चेहरे पर दाढ़ी निकल आई। शरद सिंह का कहना है कि उन्होंने 2022 में एक्सपर्ट डॉक्टरों से लिंग परिवर्तन करने को लेकर राय ली। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर में अपना लिंग परिवर्तन करवा लिया। उनकी लगातार चार सर्जरी हुई। और कई हार्मोन थेरेपी के बाद वह महिला से पुरुष बन गए।

2 अप्रैल को शरद बन गए पिता

नया नाम और पहचान मिलने के बाद 23 नवंबर 2023 को उन्होंने अपने महिला मित्र सविता सिंह से शादी कर ली। 2 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर सविता सिंह को एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां पर ऑपरेशन से उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। बेटे का जन्म होने के बाद परिवार में उत्सव जैसा माहौल है।

परिवार में 26 साल बाद बेटे का जन्म हुआ

पिता बनने के बाद शरद ने खुशी का इजहार करते हुए मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि उनके परिवार में 26 साल बाद पुत्र का जन्म हुआ है। हर इंसान का सपना होता है। उन्हें संतान सुख मिले। यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है।

कक्षा 9 से हुई दोस्ती शरद सरकारी स्कूल के टीचर

शरद एक सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। सविता सिंह से कक्षा 9 से ही उनकी दोस्ती हुई थी। उसके बाद से वह एक साथ रहते आ रहे हैं। जब दोस्ती हुई थी। तब उनका नाम सरिता था। बाद में जेंडर चेंज कराकर वह शरद बन गए। शुरुआती दिनों से दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। शरद सिंह की पत्नी सविता सिंह का ये भी कहना है कि बच्चों का जन्म होना असंभव सा लग रहा था। उम्मीद नहीं थी कि पति शरद से औलाद के रूप में मेरी झोली भी भर पाएगी। मुझे लगता था कि मेरी कोख हमेशा सूनी ही रहेगी। लेकिन जब यह संभव हुआ तो वह खुद भी हैरान है। उनका कहना है कि मां बनकर वह बहुत खुश हैं। और खुद को खुशनसीब महसूस कर रही हैं।

Published on:
05 Apr 2025 05:05 pm
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