चिंता बढ़ाती रिपोर्ट...साल दर साल बढ़ रहे गुमशुदगी के केस, हर माह सामने आ रहे 9-10 मामले किसी ने प्रेम में पड़कर घर छोड़ा तो कोई झांसे में फंसकर परिवार से दूर हुई सोशल मीडिया दे रहा परिवार से अलगाव
सुनील मेवाड़ा. कालापीपल. चौंकाने वाली खबर है... कालापीपल से तीन साल में 229 किशोरियां, युवतियां और महिलाएं लापता हुई हैं। हर महीने 9 से 10 मामले गुमशुदा होने के सामने आ रहे हैं, जो परिवारों की चिंता बढ़ा रहे हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि महिलाएं, किशोरियां और युवतियां परिवार से दूर क्यों जा रही हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर को पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस भी परिजन से किशोरियों और युवतियों के सोशल मीडिया पर नजर रखने की सलाह दे रही है। महिलाओं के लापता होने की जांच में सामने आया कि लोगों को करीब लाने वाला सोशल मीडिया से परिवार से अलगाव करा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अधिकतर मामले प्रेम-प्रसंग से जुड़े मिले हैं। कालापीपल क्षेत्र से लापता हुईं अधिकतर युवतियों और किशोरियों की गुमशुदगी में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही है। सोशल मीडिया पर झांसे में फंसकर किशोरियों और युवतियों ने घर-परिवार छोड़ दिया। थाना क्षेत्र में हर वर्ष महिलाओं के लापता होने की शिकायतें बढ़ रही हैं।
बहला-फुसलाकर नाबालिग को ले गया युवक केस
1 माह पूर्व थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग खिलचीपुर निवासी युवक से फेसबुक से जुड़ी थी। इस प्लेटफॉर्म पर दोनों की जान-पहचान हुई। युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया। युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। इंस्टाग्राम पर हुई पहचान
केस -2 यूपी निवासी युवक की कालापीपल क्षेत्र की युवती से इंस्टाग्राम पर पहचान हुई। युवक और युवती के बीच बातें बढ़ी तो वे दोनों घर छोड़कर चले गए। हालांकि परिजन की रिपोर्ट पर पुलिस ने 2 दिनों में दोनों को ढूंढ निकाला।
बच्चों की गतिविधियों पर रखें नजर
वर्तमान दौर में माता-पिता की व्यस्तता बढ़ती जा रही है। इस कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। माता-पिता बच्चों से एक दोस्त के रूप में व्यवहार रखें। हमेशा बातचीत करते रहें। बच्चे मोबाइल का ज्यादा उपयोग न करें, सोशल मीडिया पर बच्चों की एक्टिविटीज का ध्यान रखना चाहिए। ज्यादातर मामलों में यही सामने आ रहा है कि लड़के-लड़कियां सोशल मीडिया पर मिलते हैं। जान-पहचान से बात बढऩे पर घर से भाग जाते हैं। नाबालिग का विशेष ध्यान रखना चाहिए। परिजन को सोशल एक्टिविटीज के साथ फ्रेंड सर्कल की जानकारी रखना चाहिए।
-रवि भंडारी, थाना प्रभारी, कालापीपल
लड़कियों की काउंसलिंग की जरूरत लड़कियों को झांसे में लेकर बरगलाना गंभीर मामला है। बदलते सामाजिक परिवेश में लड़कियां झांसे में आ जाती हैं। दोस्ती के बाद शादी जैसे लुभावने झांसों में फंसकर जिंदगी बर्बाद कर लेती हैं। पुलिस ने अधिकांश मामलों में बरामदगी कर ली है। नाबालिगों के मामलों में प्रेम-प्रसंग जैसी बातें सामने आती हैं। स्कूल, कॉलेज में लड़कियों की काउंसलिंग की जरूरत है। अच्छे-बुरे के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। बच्चों पर परिजनों को ध्यान रखना आवश्यक है। बच्चों से माता-पिता को भी बात करते रहना चाहिए।
-सुनीता मेवाड़ा, एसआइ, थाना कालापीपल