17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कैसे योग से मिला इन्हें नवजीवन

'करें योग रहें निरोगÓ ये पंक्ति ऐसे लोगों पर सटीक बैठ रही हैं जो लगातार योगाभ्यास कर रहे हैं।

2 min read
Google source verification
patrika

'करें योग रहें निरोगÓ ये पंक्ति ऐसे लोगों पर सटीक बैठ रही हैं जो लगातार योगाभ्यास कर रहे हैं।

शाजापुर. 'करें योग रहें निरोगÓ ये पंक्ति ऐसे लोगों पर सटीक बैठ रही हैं जो लगातार योगाभ्यास कर रहे हैं। शहर में भी ऐसे अनेक योग प्रेमी हैं जो रोज योग कर खुद को स्वस्थ व तंदुरुस्त रखे हैं। खास बात यह है कि लोगों को योग क्रिया कराने के लिए 6 साल से शहर में योग की नि:शुल्क पाठशाला चल रही है। इसमें आने वाले हर उम्र के व्यक्ति को लाभ मिल रहा है। हम बात कर रहे हैं गायत्री शक्तिपीठ की ओर से 6 साल से चलाए जा रहे नि:शुल्क योगाभ्यास की। शक्तिपीठ से शुरू हुआ ये आयोजन रोज जारी है। दो साल पहले पाठशाला को शक्तिपीठ से हटाकर हाट मैदान स्थित गरासिया घाट पर बनाए गए हर्बल में स्थानांरित कर दिया गया है। यहां सुबह 6 से 7 बजे तक योग कराया जाता है। हर दिन यहां पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसमें अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि, शहर के गणमान्य और आमजन भी शामिल हैं।
योग दिवस पर संस्थाओं को दिया प्रशिक्षण
भारतीय आयुष मंत्रालय एवं केंद्रीय योग व प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ गायत्री परिवार के माध्यम से अंतरराट्रीय योग दिवस पर विशेष पांच दिनी कार्यक्रम चलाया गया। जिला जेल में बंदियों के साथ स्टाफ, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि में स्टाफ, शासकीय बालक उमावि क्रमांक-2 में स्टाफ, जिला अस्पताल एवं निजी प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर्स, बैंकर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अभिभाषक संस्थाओं के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया।
शिविर का कई लोगों ने लाभ लिया। मुख्य रूप से वजन कम करने और शरीर को सुडोल बनाने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। दो साल से नियमित योग करने वाले लोकेंद्र नायक ने बताया आंखों से कम दिखाई देने की शिकायत थी। इसकी वजह से चश्मा लगाना पड़ता था, लेकिन निरंतर योगाभ्यास से आंखों की रोशनी बढ़ गई और अब चश्मे की जरूरत ही नहीं पड़ रही है। सीहोर की रहने वाली 40 वर्षीय नौकरीपेशा महिला ने बताया घुटनों में बहुत ज्यादा परेशानी थी। कई जगह इलाज कराया, लेकिन लाभ नहीं मिला। ऐसे में एक बार शाजापुर आना हुआ तो दो दिन यहां रुकने पर सुबह उक्त योग शिविर में पहुंची। दो दिन में ही काफी राहत मिली। ऐसे में 15 दिन का अवकाश लेकर शाजापुर आई और यहां पर नियमित रूप से योग शिविर में जाकर योगाभ्यास किया। इसका लाभ ये हुआ कि घुटनों के दर्द की समस्या पूरी तरह से खत्म हो गई। शर्मा ने बताया वे स्वयं वजन ज्यादा बढऩे की समस्या से परेशान थे। जब से योग करना शुरू किया शरीर स्वस्थ्य होने के साथ ही वजन भी कम हो गया।
गायत्री शक्तिपीठ अध्यक्ष हरीश शर्मा ने बताया आजतक जो भी योग करने पहुंचा उसे लाभ ही हुआ है। यहां पर आने वाले सभी लोगों को योग क्रियाओं के साथ रस्सी कूदना, योगीग जॉगिंग भी कराई जाती है। इसके साथ ही सूर्य नमस्कार की 12 क्रियाएं और प्रज्ञा योग की 16 क्रियाओं का अभ्यास कराया जाता है। शर्मा ने बताया कि यहां पर योग करने आने वालों की संख्या 70 प्रतिदिन रहती है। वैसे यहां पर रखे रजिस्टर में करीब 130 लोगों के योग शिक्षा के लिए नाम दर्ज है, लेकिन इसमें से किसी ने किसी कारण से कई लोग नहीं आ पाते। शाजापुर सहित आसपास के लोग शामिल रहते हैं।