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सामाजिक न्याय दिवस पर विधिक जागरूकता का संदेश

शाजापुर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर द्वारा एडीआर भवन, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Madhya Pradesh State Legal Services Authority, जबलपुर के निर्देशन में आयोजित […]

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महिलाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी गई अधिकारों की जानकारी

शाजापुर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर द्वारा एडीआर भवन, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Madhya Pradesh State Legal Services Authority, जबलपुर के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर श्री आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन तथा सचिव श्रीमती नमिता बौरासी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।

सामाजिक न्याय का महत्व और संवैधानिक अधिकार

मुख्य अतिथि श्रीमती नमिता बौरासी ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए समाज में वर्ग, लिंग, धर्म एवं जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने महिलाओं को अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी अन्याय की स्थिति में विधिक सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर में घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण, दाम्पत्य पुनर्स्थापन, तलाक, संपत्ति अधिकार एवं अन्य पारिवारिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सही कदम उठा सकें।

न्यायालयीन प्रक्रिया और योजनाओं की दी जानकारी

विशेष प्रशिक्षण सत्र में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा ने एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, घरेलू घटना रिपोर्ट, शिकायत प्रस्तुत करने की विधि तथा न्यायालयीन कार्यवाही के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। साथ ही नालसा/सालसा योजनाएं, स्थायी लोक अदालत, राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता, निःशुल्क विधिक सहायता एवं पीड़ित प्रतिकर योजना जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में 60 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शिविर के दौरान कई महिलाओं ने अपनी पारिवारिक समस्याओं पर विधिक परामर्श भी प्राप्त किया।