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देर रात तक होती रही मंगलमूर्ति की स्थापना

भक्तों ने ढोल-ढमाकों के साथ निकाली शोभायात्रा, 10 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ

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Mangalmurti was established till late night

देर रात तक होती रही मंगलमूर्ति की स्थापना

शाजापुर.

रिद्धी-सिद्धी के दाता मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश की स्थापना सोमवार को विशेष मुहूर्त में की गई। सुबह से ही गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों से गलियां गूंजायमान हो गई। ढोल-ढमाकों के साथ भक्त बुद्धिदाता गजानन को घर लेकर आए। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गौरीपुत्र को लड्डूओं का भोग लगाया गया।

शहर में सुबह से ही भगवान लंबोदर की प्रतिमा को विराजित करने की तैयारी शुरू हो गई थी। युवा एवं बच्चों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। ऐसे में सुबह से ही विभिन्न मोहल्लों से गाजे-बाजे के साथ श्रीगणेश की प्रतिमा लेने के लिए युवाओं की टोलियां बाजार की ओर निकल पड़ी। हालांकि सुबह साढ़े 10 बजे तक और इसके बाद दोपहर 3.30 बजे से शुभ मुहुर्त होने के कारण कुछ घर और पांडालों में सुबह जल्द गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई। वहीं अधिकांश स्थानों पर दोपहर बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित किया गया। बाजारों से प्रतिमा लेकर सभी ने ढोल-ढमाकों के साथ उन्हें नगर भ्रमण कराया। कोई हाथ ठेले पर, कोई ट्रैक्टर में तो कोई बाइक पर भी भगवान गजानन की प्रतिमा को ले गए। जगह-जगह अपने आकर्षक रूपों में विराजित गणपति गजानन महाराज की प्रतिमा हर भक्त का मन मोह रही थी। स्थापना के बाद से ही शहर में अब दस दिवसीय धार्मिक आयोजनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसके तहत प्रतिदिन रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहरभर में करीब 100 से ज्यादा स्थानों पर सार्वजनिक रूप से भगवान गणेश की स्थापना की गई।

मंदिरों में हुई विशेष पूजा
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मां राजराजेश्वरी माता मंदिर स्थित श्रीगणेश मंदिर, चिंताहरण गणेश मंदिर धानमंडी, श्रीगणेश मंदिर किला रोड, मुरादपुरा हनुमान मंदिर स्थित श्रीगणेश मंदिर, आजाद चौक स्थित गणेश मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर स्थित गणेश मंदिर एवं नित्यानंद आश्रम स्थित श्री गणेश प्रतिमा की विशेष पूजा-अर्चना कर आरती की गई एवं प्रसादी वितरण किया गया। इन मंदिरों में कई लोग नए वाहनों को लेकर पूजन के लिए पहुंचे।