
प्री-मानसून से तर नहीं हुए खेत, अब मानसून का इंतजार
शाजापुर.
जिलेभर में रुक-रुककर कुछ हिस्सों में हो रही बारिश के बीच खरीफ फसल की बोवनी का कार्य शुरू हो गया है। जिले में अब तक 20-25 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। बाकी हिस्से में भी बोवनी कार्य जारी है। जिले में इस बार भी सर्वाधिक सोयाबीन की फसल बोई जा रही है। इस बार प्री-मानसून की अच्छी बारिश नहीं होने और मानसून लेट होने से जिले के बड़े हिस्से में खेत अभी बोवनी के लिए तैयार नहीं हुए हैं। जिन क्षेत्रों में 4 इंच के लगभग बारिश हो चुकी है, वहां बोवनी कार्य शुरू हो चुका है। बता दें कि पिछले साल प्री-मानसून की अच्छी बारिश होने से जून माह में ही 60 प्रतिशत बोवनी कार्य पूर्ण हो गया था।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक जीआर अंबावतिया के मुताबिक जिले में 2 लाख 58 हजार हैक्टेयर रकबा खरीफ फसल का बोवनी लक्ष्य हैं। इसमें सर्वाधिक 2 लाख 48 हजार हैक्टेयर में सोयाबीन की फसल की बोवनी होना संभावित है। इस बार करीब २ हजार हैक्टेयर सोयाबीन का रकबा कम होने और २ हजार हैक्टयर उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ा बढऩे की उम्मीद है। जिले में करीब १० हजार हैक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की बोवनी लक्ष्य है। कृषि वैज्ञानिक अंबावतिया के मुताबिक जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो चुकी है वहां बोवनी शुरू हो गई, बाकी जगह पर किसान अभी चार इंच बारिश होने का इंतजार करें। जिले में सर्वाधिक फसल सोयाबीन की बोई जाती है। जिसका बोवनी समय ५ जुलाई तक है। एक दो दिन में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। ग्राम सांसदों में भी किसानों को मिश्रित फसलें जैसे उड़द, मूंग, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली मक्का, तिल आदि बोवनी की सलाह दी गई है। किसान सोयाबीन फसल को 50 फीसदी से ज्यादा क्षेत्र में नहीं लगाएं। शेष भाग में नगदी फसल के रूप में मूंग, उड़द, अरहर की बोवनी करें।
शुजालपुर-कालापीपल में अच्छी बारिश
जिले में शुजालपुर और कालापीपल ब्लॉक में अच्छी बारिश हुई है। जिसके चलते इन क्षेत्रों के किसानों ने बोवनी कार्य शुरू कर दिया है। जिले में ज्यादातर बोवनी अभी दोनों ब्लाक में हुई है। इसके विपरीत शाजापुर और मो. बडोदिया ब्लॉक में कुछ गांवों में अच्छी बारिश हुई है। जहां बोवनी कार्य किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि चार इंच बारिश होने के बाद ही बोवनी करें।
ये ध्यान रखें किसान
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक जीआर अंबावतिया ने बताया कि किसान सोयाबीन की बोवनी के पहले बीजोपचार आवश्य करें, इसके बाद ही बोवनी करें, जिससे फसल की ग्रोथ और पैदावर अच्छी होगी। साथ ही संतुलित मात्रा में रासायनिक खादों का उपयोग करें। शाजापुर जिले के लिए पोटास खाद अवश्य डाले, ये खाद 25 किलो प्रति हेक्टर में डाली जाती है। उन्होंने बताया कि किसान सोयाबीन का विकल्प भी तलाश रहे हैं, जिसके लिए उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र से जानकारी दी जा रही है। किसानों का रुझान उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ रहा है। जिसमें संतरे, सब्जी, दलहन में अरहर, मूंग, मक्का की ओर किसान आकर्षित है।
एक सप्ताह बारिश के आसार कम
इधर मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है कि आज गुरुवार को बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और एक सप्ताह तक बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में २४ घंटे में होने वाली बारिश से किसानों को उम्मीद रहेगी। मौसम पर्यवेक्षक सत्येंद्रकुमार धनोतिया ने बताया कि अभी मानसून की स्थिति साफ नहीं हुई है। एक दिन ओर बारिश की संभावना है, इसके बाद एक सप्ताह तक सिस्टम कमजोर हो जाएगा। इसके बाद मानसून के सक्रिय होने के बाद ही बारिश होगी। इधर बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, जिससे दिनभर उसम बनी रही। लेकिन बारिश नहीं हुई।
जिले में अब तक 93.1 एमएम औसत वर्षा दर्ज
तहसील बारिश एमएम में
शाजापुर 21.4 एमएम
मो. बडोदिया 10.0 एमएम
शुजालपुर 164.0 एमएम
कालापीपल 208.0 एमएम
गुलाना 62.0 एमएम
जिले में 93.1 एमएम
Published on:
27 Jun 2018 09:02 pm
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