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दो दिन राहत, फिर शुरू हुई आफत

दिन में धूप के बाद शाम को बदला मौसम का मिजाज, रात से होने लगी झमाझम बारिश

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Relief for two days, trouble again

दो दिन राहत, फिर शुरू हुई आफत

शाजापुर.

लगातार बारिश की मार झेल रहे शहरवासियों के लिए पिछले दो दिन राहत भरे रहे थे जबकि शहर में बारिश नहीं हुई थी, लेकिन गुरुवार को दिन में मौसम साफ रहने और धूप निकलने के बाद शाम को मौसम का मिजाज बदल गया। इस दौरान शाम को करीब 10-15 मिनट तक बारिश हुई। हालांकि इसके बाद बारिश थम गई, लेकिन रात करीब साढ़े 7 बजे से शहर में झमाझम बारिश का दौर फिर से शुरू हो गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद समाचार लिखे जाने तक भी कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश चल रही थी। दिन में धूप निकलने के कारण तापमान में भी कुछ गर्माहट आई थी, लेकिन फिर से बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया।

चालू वर्षाकाल में अब तक 1529.8 मिमी हुई बारिश
जिले में चालू वर्षाकाल में अब तक 1529.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। जबकि जिले की औसत वर्षा 990.1 मिली मीटर है। इस प्रकार जिले में औसत वर्षा की तुलना में अब तक 539.7 मिलीमीटर वर्षा अधिक हुई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इस अवधि तक 676.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। चालू वर्षाकाल में अब तक सर्वाधिक वर्षा तहसील शाजापुर में 1700.8 मिमी हुई। इसी तरह मो. बड़ोदिया में 1629 मिमी, शुजालपुर में 1428 मिमी, कालापीपल में 1429 मिमी एवं गुलाना में 1462 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। पिछले 24 घंटे में गुरुवार सुबह 8 बजे तक तहसील गुलाना में 17 मिमी इस प्रकार कुल 3.4 मिमी औसत वर्षा हुई है। जबकि शाजापुर, मो. बड़ोदिया, शुजालपुर एवं कालापीपल में कोई वर्षा दर्ज नहीं हुई।

पेयजल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा से प्रभावित पेयजल स्त्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही विभागीय मैदानी अमला ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग के लिए जागरूक भी कर रहा हैं। कार्यपालन यंत्री लोक स्वाथ्य यांत्रिकी विजयसिंह चौहान ने बताया कि विभागीय सहायक यंत्री, उपयंत्रियों, जिला सलाहकार, विकासखंड समन्वयक तथा हेंडपंप तकनीशियन को वर्षा से प्रभावित पेयजल स्त्रोतों के क्लोरीनेशन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों को सोडियम हाइपोक्लोराइड (क्लिनवेट) का वितरण कर उपयोग की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पानी की जांच के लिए टेस्ट किट भी ग्रामों को प्रदान कर इससे जल गुणवत्ता परीक्षण करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ग्राम झोंकर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अमले द्वारा नलकूपों का क्लोरीनेशन किया गया और बच्चों को स्वच्छ पेयजल के ही उपयोग करने के लिए जागरूक भी किया गया।