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कांग्रेस ने भाजपा पर शुरु किए हमले, दिग्विजय सिंह के गृहमंत्री के कार्यालय पर गंभीर आरोप

- कमलनाथ से लेकर दिग्विजय सिंह तक हर ओर से भाजपा पर हो रहे हैं हमले - गृह मंत्री कार्यालय में 5 लाख दो और रिवाल्वर का लाइसेंस लो,जांच पड़ताल की कोई जरूरत नहीं

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शुजालपुर। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 को देखते हुए प्रदेश में आरोप प्रत्यारोप का दौर इन दिनों सियासी पारे में लगातार इजाफा कर रहा है। इन्हीं सब के बीच आज गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शुजालपुर रेस्ट हाउस में चर्चा के दौरान भाजपा व उनके नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए ।

यहां सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में जन बल से नहीं धन बल के आधार पर सरकार चल रही है, मेनू कार्ड लगा हुआ है, इतना दो- आर्डर ले जाओ। गृहमंत्री के कार्यालय में साफ है, पहले 2 लाख का रेट रिवाल्वर लाइसेंस के लिए हुआ करता था अब चुनाव पास में आ रहे हैं तो रेट 5 लाख कर दिया गया है, यह मेनू कार्ड है‌। जिसे रिवाल्वर का लाइसेंस चाहिए, रुपए 5 लाख लेकर जाओ अधिकारी का नाम और नंबर दे दूंगा लाइसेंस ले आओ, इसके लिए जांच पड़ताल की जरूरत नहीं है।

शुजालपुर रेस्ट हाउस पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि वे यहां पर कार्यकर्ताओं से संवाद करने के लिए आए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि किसानों की आय 2022 तक दुगनी कर देंगे, किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है उतनी तेजी से उपज का काम नहीं पड़ रहा है, किसानों की आय बढ़ने के स्थान पर कमी आई है।

उन्होंने यहां ये भी कहा कि देश में पिछले 9 साल में बड़े-बड़े उद्योगपतियों का 12 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया गया, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 2008 के पहले अपने घोषणा पत्र में कहा था कि किसानों का रु.50000 तक का कर्जा माफ करेंगे, लेकिन किसान पुत्र कहे जाने वाले शिवराज सिंह ने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया, हमारी सरकार ने वन टाइम सेटेलमेंट के माध्यम से किसानों का रु.100000 तक का कर्ज माफ किया।

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यहां तक कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के ग्राम जेत में निवासरत उनके परिजनों का कर्ज माफ किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले 1,21,000 शासकीय शाला हुआ करती थीं, प्रदेश सरकार ने 29287 स्कूल बंद कर दिए और 92000 शालाएं ही रह गई , गरीब वर्ग के बच्चों को शालाओं के अभाव में निजी स्कूलों में फीस भरनी पड़ रही है ।

शालाओं में शिक्षकों की कमी है हमारी सरकार ने स्थानीय निकाय और पंचायतों को भर्ती के अधिकार दिए थे जो कि इस सरकार ने छीन लिया,व्यापम में भ्रष्टाचार कर नियुक्तियां की गई।

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उन्होंने ये भी बताया कि बैकलॉग के सवा लाख पद खाली है, पेसा कानून जो आदिवासियों के हित में लागू किया गया था उसे प्रचार करने के लिए 1 हजार नियुक्तियां शिवराज सिंह सरकार ने की, वह भी अयोग्य लोगों की अवैधानिक तरीके से की गई है। खाली पदों का विज्ञापन निकाला और 4 करोड़ रुपए शुल्क के रूप में वसूले गए,दो दिन बाद ही यह नियुक्तियां कैंसिल कर दी गई।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जो अपंजीकृत संस्था होकर खाता विहीन है उनके लोगों की नियुक्तियां की गई। आर एस एस पर हमला करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोराना काल के दौरान आर एस एस ने अपनी ऑफिसियल ट्विटर हेंडल पर 7 करोड रुपए चंदा वसूल कर नागरिकों को अनाज वा दवाइयां बांटने की बात कही थी। इस संबंध में मैंने वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखी और पूछा कि यह कौन से खाते से खर्च हुआ है क्योंकि अपंजीकृत संस्था का खाता नहीं हो सकता,यह पैसा कहां से आया इस पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई होना चाहिए यह काला धन है, इसका जवाब भी नहीं मिला।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा विपक्ष की एकजुटता कर मोदी सरकार से लड़ाई लड़ने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहां की ममता को तय करना है कि वे इस बात को स्वीकार करें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे की अध्यक्षता वाली कांग्रेसी विपक्ष ही नेतृत्व कर सकती है। भाजपा को अनुसूचित जाति जनजाति विरोधी होने की बात कहते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोदी राज में महंगाई बढ़ी है, चीन ने देश की जमीन पर कब्जा किया, आर्मी चीफ और रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन हमारी जमीन दबा रहा है , लेकिन प्रधानमंत्री ने चीन को क्लीन चिट दे दी और कहा कि वह ना तो देश की सीमा में आए और ना ही कब्जा हुआ है, अपने ही आर्मी चीफ और रक्षा मंत्री के खिलाफ बयान दिए। उस पर मोदी नहीं बोलते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाडली बहना योजना का कांसेप्ट हमारा था, इसे शिवराज सिंह ने चुराया है। लाडली बहनों की याद भाजपा को 20 साल बाद क्यों आई वह भी चुनाव के 4 महीने पहले, यह राशि बहनों को तब मिलना शुरू होगी जब सब आंकड़े तैयार हो जाएंगे। जिस परिवार को कोई राशि मिल रही है उसे योजना में लाभ नहीं मिलेगा। यूपीए सरकार ने मध्य प्रदेश के सहरिया समाज को कुपोषण से लड़ने के लिए रु.1000 माहवार देना तय किया था लाडली बहना योजना का लाभ इस समाज को नहीं मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में घोषणा पत्र में कांग्रेस ने 15 सौ रुपए बहनों को देने का प्रावधान शामिल किया था, तब शिवराज मामा को बहनों की याद आई इसे चुराया और लुभावना वाला बनाया।

अतिथि शिक्षक व अतिथि विद्वान जो लंबे समय से काम कर रहे हैं उनकी भर्ती के लिए नीति बनाए जाने की बात कहते हुए कहा कि पिछले 20 सालों में मध्यप्रदेश के बेरोजगार युवाओं से दो हजार करोड़ की वसूली शुल्क के नाम पर की गई। जबकि हमारे शासनकाल में बेरोजगारों से शुल्क नहीं लिया जाता था। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा शुजालपुर प्रभावी जयप्रकाश शास्त्री, राष्ट्रीय सचिव महेंद्र जोशी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह बंटी बना, पीसीसी सदस्य रामवीर सिंह सिकरवार भी मौजूद रहे।