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वक्त का सबसे बड़ा वरदान है अनमोल मानव शरीर

वक्त का सबसे बड़ा वरदान यह है कि आपको अनमोल तन मिला। यह जीवन ही प्रभु को पाने के लिए दिया जाता है।

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शाजापुर. वक्त का सबसे बड़ा वरदान यह है कि आपको अनमोल तन मिला। यह जीवन ही प्रभु को पाने के लिए दिया जाता है। अभी समय है, भजन करके अपना काम बना लो। जीते जी प्रभु को पा लो। यही मनुष्य शरीर पाने का असली मकसद है।
परमात्मा जीते जी मिलता है, मरने के बाद आज तक किसी को नहीं मिला। प्रभु प्राप्ति का शब्द भेदी, शब्द मार्गी गुरु मिलना बहुत जरूरी है। जीवात्मा को जगाकर, नाम शब्द की डोरी को पकड़कर जीवन में ही प्रभु का दर्शन करना, खुद का चश्मदीद दीदार करना असली मानव धर्म, रुहानियत की सच्ची तालिम है।

यह प्रवचन बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी एवं जयगुरुदेव धर्मप्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महाराज सोमवार को शहर के समीप बापू की कुटिया के सामने स्थित मैदान में आयोजित सत्संग के दौरान उपस्थित हजारों अनुयायियों को दिए। पंकज महाराज ने कहा कि परमात्मा की भक्ति, पूजा, भजन या खुदा की इबादत के लिए शाकाहारी और मानवतावादी बनना बहुत जरूरी है। सबसे पहले आप इंसान बनो, चरित्रवान बनो, मानव धर्म, मानव कर्म का पालन करो, सबसे प्रेम करो, एक दूसरे की नि:स्वार्थ भाव से सेवा करो। मानवीय गुणों के अभाव में मनुष्य सूरते इंसान, शीरते हैवान है।

इस सत्संग के दौरान शहर सहित जिले व आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में महिला-पुरुष व बच्चें उपस्थित हुए। सत्संग स्थल पर दोपहर करीब सवा 12 बजे पंकज महाराज हेलीकॉप्टर से पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे से उन्होंने बाबा जयगुरुदेव के अमृतवचन सुनाना शुरू किए। इस दौरान संस्था के महामंत्री डॉ.रामकृष्ण यादव, प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय उपदेशक बाबूराम, संस्था की प्रबंध समिति के सदस्य विजय प्रकाश, सतीश शुक्ला, रोहितास कुमार, रामचंद्र यादव, मप्र के प्रांतीय अध्यक्ष नारेंद्रप्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।

आधा दर्जन लोगों की चेन-पर्स चोरी
सत्संग स्थल पर पहुंचे कुछ अनुयायियों की गले की चेन और पर्स पर बदमाशों ने हाथ साफकर दिया। शहर के महुपुरा निवासी शांति बाई के गले से अज्ञात चेन चोरी करके ले गए। इसके अतिरिक्त अन्य लोगों में से किसी की चेन तो किसी का पर्स चोरी हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही संगत के प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय उपदेशक बाबूराम ने पंकज महाराज के आने के पहले मंच से सभी लोगों को कहा कि कुछ गलत लोग यहां पर चेन चुरा रहे हैं।
करीब 3 घंटे यहां रुकने के बाद पंकज महाराज हेलीकॉप्टर से ही इंदौर रवाना हो गए। सत्संग स्थल पर सभी के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।

पशुवृत्ति भोजन किया तो पशुवत हो जाओगे
पंकज महाराज ने शाकाहार पर जोर देते हुए कहा कि इंसान जब पशुवृत्ति भोजन करेगा तो उसकी बुद्धि, विचार, चिंतन स्वत: पशुवत हो जाएगा। अशुद्ध आहार से केवल शरीर, मन, बुद्धि, चित्त, अंत:करण ही नहीं जीवात्मा भी दूषित हो जाती है। उन्होंने सभी वर्ग, धर्म, जाति व स्तर के लोगों से शाकाहारी बनने और शराब जैसे बुद्धिनाशक नशों से परहेज करने की अपील की। पंकज महाराज ने दावा किया कि यदि लोग बाबा जयगुरुदेव की बातें मानकर शुद्ध शाकाहारी बनकर नशों से परहेज करके भगवान की भक्ति में लगे तो देश-दुनिया के सारे झगड़े अपने-आप ही समाप्त हो जाएंगे।

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