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वीडियो न्यूज : हम क्या मंगल ग्रह से आएं हैं या पाकिस्तान से…

शासन द्वारा हमसे हर तरह का शासकीय कार्य कराया जाता है, लेकिन जब वेतन की बारी आती है तो पराया कर दिया जाता है। काम में कुछ गड़बड़ी हुई तो नोटिस दिया जाता है जिसमें हमें शासकीयकर्मी बताया जाता है, लेकिन जब निर्धारित वेतन बढ़ाने, बीमा, ग्रेच्यूटी या पेंशन की बात आती है तो सुनवाई नहीं होती।

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शाजापुर. शासन द्वारा हमसे हर तरह का शासकीय कार्य कराया जाता है, लेकिन जब वेतन की बारी आती है तो पराया कर दिया जाता है। काम में कुछ गड़बड़ी हुई तो नोटिस दिया जाता है जिसमें हमें शासकीयकर्मी बताया जाता है, लेकिन जब निर्धारित वेतन बढ़ाने, बीमा, ग्रेच्यूटी या पेंशन की बात आती है तो सुनवाई नहीं होती। प्रत्येक विभाग में नियमानुसार पदोन्नति होती है, लेकिन हमारे विभाग में वर्षों से पदोन्नति ही नहीं हुई है। हम क्या मंगल ग्रह से आएं हैं या फिर पाकिस्तान से जो हमारी ओर ध्यान नहीं दे रहे।


यह बात सोमवार दोपहर नगर में पैदल चलकर चम्मच से थाली बजाते और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर हाइवे से पैदल कलेक्टोरेट पहुंची आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने संयुक्त मोर्चा आइसीडीएस, परियोजना अधिकारी संघ, पर्यवेक्षक संघ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संघ के बैनर तले ज्ञापन सौंपने के पहले कही। ज्ञापन में बताया किसी भी शासकीय विभाग में अधिकारी-कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी दी जाती है, लेकिन यहां इस विभाग में ऐसा नहीं है। यदि काम करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका की मृत्य हो जाती है तो उसे न तो पेंशन मिलती है, न गेच्यूटी मिलती है और पहले जो बीमा किया जाता था उसका भी लाभ नहीं मिलता है। ज्ञापन में बताया गया कि मिनी आंगनवाड़ी के नाम पर छलावा किया जा रहा है। एकमात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कार्यकर्ता के कार्य का निर्वहन तो करना है इसके साथ सहायिका, सफाईकर्मी सहित अन्य सभी कार्य भी अकेले को करना है। ज्ञापन में मांग की गई कि मिनी आंगनवाड़ी को आंगनवाड़ी के रूप में ही मानते हुए संपूर्ण व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग करते हुए कहा गया कि 30 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाए, कार्य के दौरान मौत होने पर परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए, दूसरे विभागों की तरह हमें भी पदोन्नति का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही अन्य मांग भी रखी गई।


जारी रहेगी हड़ताल, लाडली बहना योजना में सहयोग न करें
कलेक्टर कार्यालय के बाहर मेन गेट पर ताला लगाकर सभी को यहीं पर रोक दिया गया। इसके बाद यहां पहुंचे अधिकारियों ने ज्ञापन लिए। ज्ञापन के बाद संयुक्त मोर्चा की ओर से समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को कहा गया कि अभी हड़ताल खत्म नहीं हुई है। कोई भी कार्यकर्ता या सहायिका लाडली बहना योजना के कार्य में सहयोग न करें और न ही केंद्र की चाबी दें। कोई पूछे तो कह देना हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।