
अकूत संपत्ति और ऐशो आराम की जिन्दगी जीने वाले मौलाना साद ने देश को 'आग' में झोंका, पड़ताल में समधी ने खोले राज
शामली. अकूत संपत्ति और ऐशो आराम की जिन्दगी जीने वाले दिल्ली हजरत निजामुद्दीन के प्रमुख मौलाना साद ने पूरे देश को 'आग' में झोंक दिया है जिससे मौलाना साद को लेकर के देशभर में हलचल मच गई है। वहीं मौलाना साद का शामली जनपद के कांधला में पुश्तैनी मकान है इस पुश्तैनी मकान को लेकर के तमाम तरह की चर्चाएं व्याप्त है। जब पत्रिका टीम ने मौलाना साद की संपत्ति के बारे में पड़ताल की तो पड़ताल में सामने आया कि तब्लीगी जमात का 'अमीर' मौलाना साद बेशुमार दौलत का मालिक है। मौलाना साद के दो घर और एक आलीशान फार्महाउस हैं। एक घर निजामुद्दीन में मरकज के पास है, जबकि दूसरा दिल्ली के जाकिर नगर में लेकिन मौलाना साद कहा पर है, फिलहाल इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। इसके साथ ही यूपी के शामली में मौलाना साद का आलीशान फार्महाउस है। इसके साथ ही मौलाना साद के पुश्तैनी मकान की पड़ताल में सामने आया कि मौलाना साद का यह पुश्तैनी मकान उनकी माता के नाम है। यह मकान करीब 500 गज जमीन में बना हुआ है इसकी बराबर में करीब 5 बीघा का एक मौलाना साद का पुश्तैनी भाग है जिसमें अमरूद आम सहित तमाम फसलों को बोया जाता है।
मौलाना साद के समधी मौलाना बदर ने पत्रिका को जानकारी देते हुए बताया कि यह मकान मौलाना साद की माता का पुश्तैनी मकान है, जो उनके पिता के बाद उनके नाम हुआ था। मौलाना साद का जन्म कांधला में हुआ था लेकिन वह बहुत लंबे टाइम से दिल्ली में ही रह रहे हैं, वहीं तो उन्होंने अपना निवास स्थान बनाया हुआ है। मौलाना चांद को लेकर के जिस तरह की अफवाह फैलाई जा रही है मौलाना साद फरार हो गए हैं या मौलाना साद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमों का गठन किया गया है। यह सब अफवाह है मौलाना साद के एडवोकेट लगातार पुलिस से वार्ता कर रहे हैं जब भी पुलिस को मौलाना साद की आवश्यकता होगी तो मौलाना साद उनसे मिलेंगे। ऐसा नहीं है कि मौलाना साद कहीं फरार हो गए हों।
एक दिन पहले ही मौलाना साद ने ऑडियो जारी कर खुद को सेल्फ आईसोलेशन में होने की बात कही थी। पुलिस कार्रवाई किए जाने और मामला दर्ज होने के बाद साद के सुर बदल गए थे। पहले जहां वह मरकज में लोगों को बुलाता था, वहीं जांच एजेंसियों की सख्ती बरते जाने के बाद उसने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने का ऑउियो जारी किया। इसी बीच मौलाना मोहम्मद साद को क्राइम ब्रांच ने नोटिस भेजकर कुछ जरूरी सूचनाएं मांगी हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ने मरकज से जुड़े 26 सवालों के जवाब मांगे हैं। इसके साथ ही पुलिस की दो टीमों को उसके घरों के आस-पास रखा गया है, जबकि एक टीम शामली में स्थित उसके आलीशान फार्महाउस के पास लगाई गई है। ताकि वह पुलिस को चकमा देकर कहीं फरार न हो सके।
सभी सुविधाओं से लैस है मौलाना साद का फार्महाउस
मौलाना की तलाश जारी है। इसी बीच उसके आलीशान फार्म हाउस के बारे में व महंगी गाड़ियाों की बात सामने आई है। उसका फार्म हाउस स्वीमिंग पूल समेत सभी तरह की सुख सुविधाओं से लैस है। फार्म हाउस के बाहर कारों का लंबा काफिला भी नजर आता है। मौलाना के फार्म हाउस में कई गाड़ियां और बाइक दिखाई देंती है और साद के बेटे भी बीएमडब्लूय गाड़ियों से चलते हैं। तबलीगी जमात के कुछ लोगों का तो पता चला लेकिन जमात के मुखिया मौलाना साद का अब तक पता नहीं चल पाया है। क्राइम ब्रांच ने साद के खिलाफ कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साद ने खुद को किया था अमीर घोषित
बताया जा रहा है कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज में कोरोना वायरस फैलने से यह जमात देशभर के निशाने पर आ गई है। निजामुद्दीन मकरज प्रकरण में मौलाना साद एक विलेन के रूप में लोगों के बीच उभरा है वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब मौलाना साद और 'तबलीगी जमात' विवादों में फंसा हो। बताया जाता है कि तीन साल पहले तो जमात में ऐसा विवाद हुआ था कि उसने उसे दो गुटों में बांट दिया था। इसी के बाद मौलाना साद ने पुरानी 'तबलीगी जमात' का खुद को अमीर घोषित किया था।
मौलाना मोहम्मद साद ने ऐसे बीता जीवन
मौलाना साद का पूरा नाम मौलाना मोहम्मद साद कांधलवी है। मोहम्मद साद शामली के कस्बा कांधला के रहने वाले हैं, इसलिए उन्होंने अपने नाम के पीछे कांधलवी जोड़ा है। कांधला में मौलाना साद का एक घर भी है। मौलाना साद मोहम्मद इलियास कांधलवी के पोते हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सुन्नी मुसलमानों के संगठन तबलीगी जमात के संस्थापक थे। साद के परदादा ने वर्ष 1927 में तब्लीगी जमात की स्थापना की थी। मौलाना साद का जन्म 10 मई 1965 को दिल्ली में ही हुआ था। साद ने हजरत निजामुद्दीन मरकज के मदरसा काशिफुल उलूम से वर्ष 1987 में आलिम की डिग्री प्राप्त की थी। बताया जाता है कि उस समय जमात के वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने मौलाना साद का जबरदस्त विरोध किया था, जब उन्होंन खुद को तबलीगी जमात का अमीर (अध्यक्ष) घोषित किया था। इसके बावजूद साद पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसी वजह से सभी बुजुर्ग धर्मगुरुओं ने अपना रास्ता भी अलग कर लिया था।
यूपी के शामली और सहारनपुर से है पुराना नाता
बता दें कि मौलाना साद व उनके परिवार का उत्तर प्रदेश के शामली और सहारनपुर जिले से पुराना नाता है। शामली के कांधला कस्बे में उनका घर है तो सहारनपुर में उनकी ससुराल है। ये पहली बार नहीं है जब मौलाना साद किसी तरह के विवादों में घिरे हैं। इससे पहले उनके खिलाफ दारुल उलूम देवबंद से फतवा भी जारी किया जा चुका है। साद ने अपनी पढ़ाई 1987 में मदरसा कशफुल उलूम, हजरत निजामुद्दीन और सहारनपुर से पूरी की है। वहीं उनकी ससुराल भी सहारनपुर में ही है। उनकी शादी भी 1990 में सहारनपुर के मजाहिर उलूम के प्रिसिंपल की बेटी से ही हुई थी।
Published on:
04 Apr 2020 03:18 pm

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