
Cheetah in kuno: बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों में से तस्वीर में नजर आ रहीं दो मादा चीता (photo:patrika)
Cheetah in Kuno big Update: कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के चैप्टर-4 के तहत बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो की आबोहवा रास आ रही है। वे यहां नए परिवेश में ढलते नजर आ रहे हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार 30 दिन की तय क्वारंटीन अवधि में से लगभग 80 फीसदी (तीन हफ्ते से ज्यादा) अवधि पूरी कर चुके हैं। इसी को लेकर पार्क प्रबंधन ने सोमवार को सफलता की कहानी का न्यूज लेटर जारी किया।
न्यूज लेटर में बोत्सवाना के चीतों की सफल शिफ्टिंग और उनके कूनो में बेहतर तरीके से सर्वाइव करने की बात कही गई है। साथ ही लिखा है कि ये चीते अब नई कहानी लिखेंगे। चीतों को 30 मार्च के बाद ही खुले जंगल में छोड़ा जा सकता है। इसका निर्णय चीता स्टीयरिंग कमेटी करेगी। बैठक में तय होगा कि कितने चीते छोड़े जाएंगे या बाड़ों में ही रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि कूनो से कुछ और चीते मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य शिफ्ट किए जा सकते हैं। साथ ही चीतों के तीसरे घर के रूप में तैयार हो रहे नौरादेही अभयारण्य में भी शिफ्टिंग का ह्रश्वलान है।
न्यूज लेटर के अनुसार बोत्सवाना के चीतों ने पहले चरण में जरूरी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कूनो अब नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना के चीतों का मेजबान है। इससे अद्वितीय और विविध आनुवंशिक मिश्रण बनता है, जो बेजोड़ है। ये चीते महज आगंतुक नहीं, बल्कि अब एक बढ़ती हुई कहानी का हिस्सा हैं। यह कहानी योजना, धैर्य, टीमवर्क और विश्वास की है…।
-28 फरवरी को लाए गए थे
-06 मादा
-03 नर चीते
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल के अनुसार सभी नौ चीते स्वस्थ हैं। अभी उनकी 30 दिन की क्वारंटीन अवधि चल रही है। तीन सप्ताह से अधिक का समय सफलतापूर्वक पार कर लिया है। उनके स्वास्थ्य पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
केंद्रीय वन मंत्रालय बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क में लाए गए 9 चीतों का नाम भी रखने वाला है। इसके लिए जल्द एक पोर्टल शुरू किया जाएगा। आम जनता भारतीय संस्कृति से जुड़े नामों के सुझाव दे सकेगी। कुछ ही दिनों बाद चयनित नामों के साथ चीतों का दीदार किया जा सकेगा। हालांकि पहले भी इस तरह की प्रक्रिया को अपनाया गया था। जब नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भारत में चीते लाए गए थे, तब भी नामकरण के लिए यही प्रक्रिया अपनाई गई थी। प्रोजेक्ट की शुरुआत 17 सितंबर 2022को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाई गई एक मादा चीता को बाड़े में छोड़ा था और नाम रखा था 'आशा'। फिलहाल केपी 1, 2, 3 जैसे नाम से वे जाने जाते हैं। वर्तमान में कूनो में कुल 53 चीते हो गए हैं, जिनमें नए शावक भी शामिल हैं।
Updated on:
25 Mar 2026 06:15 pm
Published on:
24 Mar 2026 11:38 am
बड़ी खबरें
View Allश्योपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
