
First Cheetah Safari Of India: चीतों के रहवास कूनो नेशनल पार्क से चीता सफारी की शुरुआत की जाएगी। यह देश की पहली चीता सफारी होगी। सेंट्रल जू अथॉरिटी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। कूनो पार्क प्रबंधन डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सेंट्रल जू अथॉरिटी को भेजेगा। इसकी पुष्टि पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) असीम श्रीवास्तव ने की है। डीपीआर को मंजूरी के बाद धरातल पर काम शुरू होगा। चीता सफारी में दो साल का समय लग सकता है। शुरुआती आकलन में 50 करोड़ की लागत आंकी है। चीता सफारी का क्षेत्र 181.17 हेक्टेयर होगा, जिसमें 124.94 कूनो वनमंडल का वन क्षेत्र होगा। सफारी में 4 से 6 चीते छोड़े जाएंगे।
यह होगा खास
- प्रोजेक्ट को चीता सफारी कम टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर कम इंटरप्रिटेशन सेंटर (चीता सफारी सह पर्यटक सुविधा केंद्र सह व्याख्या केंद्र) नाम दिया है।
- पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित होंगी। चीतों की जानकारी देने के लिए व्याख्या केंद्र स्थापित होगा, जिसमें पर्यटक चीता प्रजाति की स्थिति और इतिहास जान पाएंगे।
कूनो फॉरेस्ट फेस्टिवल आज से (Kuno Forest Festival)
कूनो नेशनल पार्क में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मप्र पर्यटन बोर्ड की ओर से कूनो फॉरेस्ट फेस्टिवल (Kuno Forest Festival) मनाएंगे। रविवार को शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसके लिए रानीपुरा में निजी कंपनी ने लग्जरी टेंट सिटी तैयार की है। फेस्टिवल 23 दिसंबर तक चलेगा। इस फेस्टिवल में हॉट एयर बैलून, पैरामोटरिंग, जंगल सफारी जैसी गतिविधियां होंगी।
कुछ चीतों को जंगल में छोड़ने की तैयारी
कूनो नेशनल पार्क में बड़ों में बंद चीतों को अब जंगल में छोड़े जाने की तैयारी है हालाँकि अभी यह तय नहीं है की चीतों को खुले जंगल में कब छोड़ा जाएगा।