सार्वजनिक स्थल बस स्टैंड,रेल्वे स्टेशन,धार्मिक स्थल अथवा ऐसे क्षेत्र जहां घुमंतू बच्चे के होने की संभावना है,उन सभी जगहों पर गठित टीम के द्वारा जांच की जाएगी। बच्चों को चिह्नांकित कर उन्हें बाल संरक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बताया गया है कि इस अभियान के तहत जिन बच्चों की दस्तयाबी होगी,उन सभी बच्चों का दस्तावेजीकरण तथा उनके फोटो एवं संपूर्ण विवरण ट्रैक द मिसिंग चाइल्ड वेब पोर्टल में अपलोड किया जाएगा। इस अभियान के दौरान प्रदेश में जो जिला सबसे बेहतर काम करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा। जिले से संबंधित जानकारी भोपाल पीएचक्यू को भेजी जाएगी। वहां से प्रदेश के सबसे बेहतर कार्य करने वाले जिले का नाम दिल्ली गृह विभाग भेजा जाएगा। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इनाम में क्या दिया जाएगा।