-मुख्यमंत्री ने चंबल एक्सप्रेस वे में निजी जमीन के बदले जमीन या नकद मुआवजे के दिया विकल्प
श्योपुर,
श्योपुर सहित चंबल संभाग के तीनों जिलों के महत्वाकांक्षी अटल प्रगति पथ (चंबल एक्सप्रेस वे) में किसानों की जमीन के बदले अब सरकार नकद मुआवजा भी देगी। शनिवार को इस परियोजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जमीन के बदले जमीन के साथ ही नकद मुआवजे का भी विकल्प किसानों को दिया है। यही वजह है कि श्योपुर जिले के 57 गांवों के 1466 किसानों को भी अपनी जमीन के बदले नकद मुआवजा मिलने की राह खुल गई है।
चंबल संभाग के तीनों जिलों में चंबल एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई 312 किलोमीटर है, जिसमें से श्येापुर जिले में ये 96 किलोमीटर की लंबाई में बनेगा। जिले के 57 गांव से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस वे में 1466 किसानों की 898.41 हेक्टेयर निजी जमीन आ रही है। जिसके बदले में पहले सरकार दो गुनी जमीन देने का आदेश कर चुकी थी, लेकिन किसान नकद मुआवजे की बात पर अड़े थे। यही वजह है कि शनिवार को हुई वीसी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नकद मुआवजा दिए जाने पर भी सहमति दे दी है। जिसके बाद श्योपुर जिले के इन लगभग डेढ़ हजार किसानों को राहत मिली है।
जो जमीन लेगा उसे जमीन और जो राशि चाहेगा उसे नकद मुआवजा
शनिवार को मुख्यमंत्री चौहान ने वीसी में कहा कि किसान हित सर्वोपरि है और भूमि अधिग्रहण के संबंध में किसानों के हित में ही आवश्यक प्रावधान किया जा रहा है। जो किसान भूमि के स्थान पर भूमि चाहते हैं या राशि चाहते हैं, उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी भूमि के लिए शासन द्वारा दोगुनी जमीन देने का प्रस्ताव है। इससे अधिकांश किसान सहमत होते जा रहे हैं। वहीं नकद मुआवजा, बाजार मूल्य का दोगुना प्रदान किया जाएगा। सीएम ने किसानों ने आग्रह किया कि वे भू-अर्जन कार्यों में आवश्यक सहयोग करें। मुख्यमंत्री चौहान ने संबंधित कलेक्टर्स से भी अपेक्षा की कि सर्वे कार्य समय-सीमा में कर लोगों को पारदर्शी तरीके से मुआवजा देने की कार्यवाही करें। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा अटल प्रगति पथ की मंजूरी मिल जाने से चंबल क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आएगा और प्रदेश के बड़े क्षेत्र को लाभ होगा।